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पैसों के अभाव में जिगर के टुकड़े को किडनी नहीं दे पा रही मां

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. कहते हैं पैसा सबकुछ नहीं। लेकिन कई बार वक्त ऐसा खेल खेल जाता है कि पैसे के बिना कुछ भी संभव नहीं हो पाता। यही हाल हनुमानगढ़ क्षेत्र की एक मां का हो रहा है। मां अपने बेटे का दर्द मिटाने को हर दु:ख मोल लेने को तैयार हो रही है। लेकिन पैसों के अभाव में वह ऐसा नहीं कर पा रही।  
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हनुमानगढ़

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Purushotam Jha

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Updated: 22 Dec 2020, 10:24 AM IST

पैसों के अभाव में जिगर के टुकड़े को किडनी नहीं दे पा रही मां

पैसों के अभाव में जिगर के टुकड़े को किडनी नहीं दे पा रही मां

पैसों के अभाव में जिगर के टुकड़े को किडनी नहीं दे पा रही मां
-कलक्टर को ज्ञापन सौंप मां ने बेटे के इलाज को लेकर लगाई गुहार

हनुमानगढ़. कहते हैं पैसा सबकुछ नहीं। लेकिन कई बार वक्त ऐसा खेल खेल जाता है कि पैसे के बिना कुछ भी संभव नहीं हो पाता। यही हाल हनुमानगढ़ क्षेत्र की एक मां का हो रहा है। मां अपने बेटे का दर्द मिटाने को हर दु:ख मोल लेने को तैयार हो रही है। लेकिन पैसों के अभाव में वह ऐसा नहीं कर पा रही है। यह दास्तां टाउन निवासी हनुमान स्वामी (15) पुत्र पवन कुमार स्वामी की है। नौवीं कक्षा में अध्ययनरत उक्त बालक की दोनों किडनियां खराब हो चुकी है। स्थिति यह है कि मां अपने बेटे को खुद की किडनी देने को तैयार है लेकिन परिवार की आर्थिक हालत कमजोर होने के चलते किडनी ट्रांसप्लांट कार्य में दिक्कतें आ रही है।
चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए सात लाख रुपए का खर्च बताया है। अब यह मां अपने बेटे के साथ उसका इलाज करवाने के लिए रुपयों का इंतजाम करने के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाती हुई इधर-उधर घूमने को मजबूर है। सोमवार को समाजसेवी प्रोफेसर सुमन चावला व शहर के कुछ अन्य लोगों के साथ यह मां अपने बेटे को लेकर जिला कलक्टर जाकिर हुसैन की चौखट पर पहुंची और मदद दिलाने की गुहार लगाई। प्रोफेसर सुमन चावला ने जिला कलक्टर को बताया कि नौवीं कक्षा में पढऩे वाले टाउन निवासी हनुमान स्वामी (15) पुत्र पवन कुमार स्वामी की दोनों किडनी खराब हो चुकी है। कुछ दिन पहले हनुमान की अचानक तबीयत खराब हो गई। जांच करवाने पर हनुमान की दोनों किडनियां खराब होने का पता चला।
अब हनुमान डायलिसिस पर है। उसे एसएमएस अस्पताल में भी दिखाया गया। सब जगह रेफर हो चुका है। चिकित्सकों ने इलाज में सात लाख रुपए खर्च होना बताया है। लेकिन पवन स्वामी का परिवार आर्थिक रूप से इतना मजबूत नहीं कि वह इतने रुपयों का इंतजाम करवा सके। हनुमान की मां सुलोचना देवी अपनी किडनी देने को तैयार है। लेकिन किडनी ट्रांसप्लांट के लिए रुपयों का इंतजाम नहीं हो रहा। सभी ने जिला कलक्टर से मांग की कि इस परिवार को सीएम कार्यालय से यथा संभव सहयोग दिलवाया जाए ताकि हनुमान का जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज हो सके।