यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के ओएसडी की बेटी बताकर नौकरी का झांसा, साढ़े 13 लाख ठगे, गिरफ्तार
– यूपी विधानसभा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का मामला
– दंपती के खिलाफ दर्ज किया गया था मामला, विवाहिता गिरफ्तार
रावतसर. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के ओएसडी की बेटी बताकर नौकरी लगवाने की बात कही। इसके लिए 20 लाख रुपए मांगे। अग्रिम राशि के तौर पर साढ़े तेरह लाख पहले ले लिए। बाद में राज खुला तो विवाहिता और उसके पति ने राशि लौटाने से इनकार कर दिया। यूपी विधानसभा में आरो के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के इस मामले में जांच अधिकारी डीएसपी पूनम चौहान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को आरोपी महिला को गिरफ्तार किया। डीएसपी चौहान ने बताया कि गुरुवार को दर्ज किए गए मामले में आरोपी महिला रवीना को भैरूसरी बस स्टैण्ड से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद सर्च अभियान चलाते हुए उनके मकान से दो सोने के गजरे व एक अंगूठी बरामद की गई जो आरोपी महिला ने ठगे गए पैसों से खरीदने की बात स्वीकारी है। डीएसपी चौहान ने बताया कि आरोपी महिला से पूछताछ जारी है। अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
क्या था प्रकरण
स्थानीय पुलिस ने एक युवती और उसके दो-तीन जानकारों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधानसभा कार्यालय में दो युवकों से आरओ के पद पर नौकरी दिलवाने के नाम पर साढ़े तेरह लाख रुपए ठगने का मामला दर्ज किया था। भैरूसरी निवासी नरेंद्रपाल जाट ने मामला दर्ज कराया था कि लगभग डेढ़ महीना पहले भैरूसरी के इंद्रपाल जाट ने बताया कि उसके जानकार कुलदीप व उसकी पत्नी रवीना को किसी काम से मेरठ जाना है। इसलिए वह अपने जानकार राजू वर्मा निवासी कुम्हारांवाली ढाणी की गाड़ी मांग कर लाया तथा इंद्रपाल को साथ लेकर रावतसर पहुंचा। यहां से कुलदीप व रवीना को साथ लेकर मेरठ गए। इसके बाद हरिद्वार गए तो वहां रवीना ने परिवादी को अपना गंगा भाई बना लिया। इसके बाद सब लौट आए। कुछ दिनों बाद रवीना के पिता को यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का ओएसडी बताकर दंपती ने परिवादी के भतीजे प्रवीण और भांजे आशीष को यूपी, विधानसभा में आरओ के पद पर नौकरी लगवाने की बात कही। इसके लिए 20 लाख रुपए मांगे तथा 70 प्रतिशत रकम अग्रिम देने को एवं तीस प्रतिशत नौकरी लगने के बाद देने को कहा गया। आरोप है कि 17 फरवरी से 1 मार्च के बीच कुलदीप और रवीना को किस्तों में 13 लाख 50 हजार रुपए दिए। इसके बाद कहीं से पता लगा कि दंपती का काम ही ठगी करना है। इसके बाद जब दंपती से रकम मांगी तो देने से मना कर दिया। इस पर नरेन्द्रपाल ने स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया।