7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Video: धोरो में मछली उत्पादन कर बने करोड़पति

-धोरों के बीच मछली उत्पादन कर बने करोड़पति -भादरा के किसान राकेश ने नवाचार कर बदली तकदीर

2 min read
Google source verification
rakesh change his life

rakesh change his life

हनुमानगढ़. बरानी क्षेत्र के किसानों का जीवन चुनौती से कम नहीं होता। यहां की पूरी खेती बारिश पर निर्भर रहती है। मेघों के बरसने में मामूली देर हो जाए तो फसलें चौपट होने का डर रहता है। खेती के इस उलझन से उबरकर भादरा के गांव शेरपुरा के किसान राकेश कुमार ने धोरों के बीच तीन हेक्टेयर में गड्ढ़े खोदकर उसमें प्लास्टिक सीट लगाकर पानी भर दिया। जानकारों से राय लेकर राकेश ने उसमें झींगा मछली के कुछ बीज डाल दिए। पहले सीजन मे हालांकि ३० लाख का मुनाफा ही हुआ। कम कमाई का बड़ा कारण जानकारी का अभाव होना था।

Video: ...ये तो हमारा फर्ज था ‘मां’

गलती से सबक लेकर उसने कमियां सुधारी और इस सीजन में राकेश ने करीब ६० से ७० लाख रुपए तक की कमाई की। इस बार करीब १७ टन झींगा उत्पादन करके राकेश ने सीमावर्ती जिले के किसानों को भी पछाड़ दिया है। राकेश ने डिग्गी के पास ही आधुनिक लैब भी बना रखी है। जहां से वह झींगे को प्रॉपर आक्सीजन व विकसित होने के लिए बेहतर आबोहवा उपलब्ध करवाते हैं। साथ ही पानी की नियमिति जांच करते हैं। राकेश के अनुसार आंध्र प्रदेश व गुजरात के बड़े एक्सपोटर्स से वह सीधे संपर्क में हैं। शुरुआत में जो दिक्कतें आई, उसे दूर करने के बाद अब राकेश को प्रति हेक्टेयर ८० लाख रुपए कमाई होने की उम्मीद है।

संगरिया की खबरे पढ़े एक क्लिक में

तीन हेक्टेयर में तालाब खुदवाने का प्रयोग सफल रहने पर अब बची जमीन में भी वह झींगा उत्पादन का प्लान बना रहे हैं। जिससे मुनाफा और बढ़ सके। खेती में नहीं लाभ राकेश ने बताया कि उसके हिस्से कुल १९ बीघा जमीन है। पहले गेहूं, सरसों व चने की बिजाई करते थे। लेकिन इससे परिवार की जरूरतें मुश्किल से पूरी होती। एक बार हरियाणा में एक किसान से मिला तो उसने झींगा के बारे में बताया। स्थानीय स्तर पर आत्मा परियोजना के उप निदेशक बीआर बाकोलिया ने तकनीकी जानकारी दी। सबके सहयोग से झींगा उत्पादन शुरू किया। जिसके अच्छे परिणाम आ रहे हैं।

Video: ओलावृष्टि से हुआ नुकसान, नहीं ली सुध

इससे पहले राकेश ने मधुमक्खी पालन में भी किस्मत को आजमाया और एक हजार के करीब बॉक्स लगाए। इस कारोबार ने भी परिवार को आर्थिक संबल दिया। खारे पानी में भी लाभ किसान राकेश कुमार कहते हैं कि झींगा मछली में ९९ प्रतिशत तक प्रोटीन की मात्रा होती है। इसके नियमित सेवन से हड्डी मजबूत होती है। वजन भी नियंत्रित होता है। इसलिए बाजार में इसकी खूब डिमांड है। खारे पानी में भी झींगे का खूब उत्पादन होता है। इसलिए बारानी क्षेत्र के किसानों के लिए यह काफी फायदेमंद है। बशर्ते काम शुरू करने से पहले पूरी जानकारी हो।

Video: आओ पंख फैलाएं आकाश हमारा है