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हापुड़ जिला प्रशासन पीछे हटा, गठमुक्तेश्वर गंगा मेले में चलेगी भैंसा बुग्गी और बैलगाड़ी

केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान के विरोध के बाद हापुड़ जिला प्रशासन पीछे हट गया है। गढ़मुक्तेश्वर मेले में जिला प्रशासन ने भैंसा बुग्गी और बैलगाड़ी ले जाने पर रोक लगा दी थी। जिसका विरोध भाकियू भी कर रहा था।

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केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और भाकियू के विरोध के बाद जिला प्रशासन पीछे हट गया है। गढ़मुक्तेश्वर गंगा मेले में भैंसा बुग्गी और बैलगाड़ी ले जाने पर रोक के खिलाफ मंत्री ने अधिकारियों को फोन किया। बालियान ने शासन को पत्र लिखा और कहा कि मेले में बैलगाड़ी, भैंसा बुग्गी ले जाने की अनुमति दी जाए।

वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि लंपी वायरस के चलते ही मेले में पशुओं को ना लाने की एडवाइजरी जारी की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि देश में तेजी से लंबी वायरस फैल रहा है। पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए इस तरह का फैसला लिया गया था।

भैंसा-बुग्गी ले जाने पर कोई बैन नहीं होगा: संजीव बालियान

गढ़ मेले में भैंसा बुग्गी पर रोक लगाने को लेकर संजीव बालियान ने मेरठ कमिश्नर और हापुड़ डीएम से बात की। इसके अलावा प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री व प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर इस फैसले को तत्काल वापस लेने की बात कही है। संजीव बालियान ने लोगों को विश्वास दिलाया है कि मेले में भैंसा-बुग्गी ले जाने पर कोई बैन नहीं होगा।

केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान का कहना है कि गढ़मुक्तेश्वर मेले में आसपास जनपद के लोग काफी संख्या में आते हैं। गढ़ मेला पौराणिक और ऐतिहासिक है। मेले के महत्व को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि लंपी बीमारी केवल गोवंश में है और पश्चिमी यूपी में लंपी बीमारी को लेकर शत-प्रतिशत पशुओं में टीकाकरण हो चुका है।

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इतिहास और परंपरा को खत्म करने की साजिश कर रही सरकार

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार इतिहास और परंपरा को खत्म करने की साजिश कर रही है। सरकार को लंपी वायरस का डर है तो सभी पशुओं को टीका लगवाने का इंतजाम करें। मेले में पशुओं को जाने से ना रोका जाए क्यों कि ये एक पुरानी पंरपरा और इतिहास है। अगर जिला प्रशासन ऐसा करता है तो किसान लोग अपने बैलगाड़ी में 8 दिन का राशन लेकर जाएंगे। किसानों को रोका गया तो वहीं धरने पर बैठ जाएंगे।