11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

श्रीकांत त्यागी के समर्थन में आए भाजपा के कई पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा

त्यागी समाज के लोगों का कहना है कि पुलिस ने षडयंत्र रचा और श्रीकांत त्यागी व अन्य लोगों को जानबूझकर फंसाया है। जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सुदीप कुमार को सौंपा।

2 min read
Google source verification
bjp_office_bearers_resigned_in_support_of_shrikant_tyagi.jpg

गालीबाज श्रीकांत त्यागी को अरेस्ट करने के बाद से पश्चिमी यूपी में माहौल गर्माने लगा है। उसके समर्थन मे आए भाजपा के कई पदाधिकारियों ने अपना इस्तीफा तक दे दिया। इतना ही नहीं गुरुवार को गढ़मुक्तेश्वर के 20 गांवों से त्यागी समाज के लोग गुरुद्वारा प्रांगण में एकत्रित हुए और श्रीकांत के समर्थन में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने इस प्रकरण में सभी को बेकसूर बताकर उनकी रिहाई को लेकर भी आवाज बुलंद की। इसके बाद तहसील पहुंच कर नारेबाज करते हुए धरने पर बैठ गए।

यह भी पढ़े - श्रीकांत त्यागी को अदालत से बड़ा झटका, खारिज हुई जमानत याचिका

पुलिस पर लगाया षडयंत्र रचने का आरोप

यहां तहसील परिसर में धरने पर बैठकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस व प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पुलिस ने नुकसान पहुंचाने के लिए षडयंत्र रचा और श्रीकांत त्यागी व अन्य लोगों को जानबूझकर फंसाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सोसाइटी में गाली गलौज की घटना को भी बढ़ा चढ़ाकर तूल देने का काम किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सुदीप कुमार को सौंपा।

यह भी पढ़े - UP: इस दिन से शुरू होगी धान की खरीददारी, योगी सरकार ने जारी की गाइडलाइन

बूथ अध्यक्षों ने मिलकर से दिया इस्तीफा

उधर, बागपत में भी श्रीकांत त्यागी के समर्थन में बड़ागांव में ग्रामीणों ने बैठक सभा बुलाई। जिसमें कहा गया कि पुलिस ने श्रीकांत के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की है, जोकि गलत है। इस दौरान भाजपा के कई बूथ अध्यक्षों ने सामूहिक रूप में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। बूथ अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वालों में जोनी त्यागी, नरेंद्र त्यागी, कन्नू त्यागी, चिंटू त्यागी आदि शामिल रहे। उनका कहना था कि श्रीकांत त्यागी की पत्नी और बच्चों का शोषण किया गया है। जिसके बाद ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।