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VIDEO: अन्नदाता पर कहर, बाढ़ में कई हजार बीघा फसलों पर फिरा ‘पानी’

बाढ़ का रौद्र रूप, किसान हुए बेहाल करीब एक दर्जन गांवों का शहर से टूटा सर्म्पक प्रशासन मुस्तैद, मैके पर पहुंच कर लिया जायजा  

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हापुड़। हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के खादर क्षेत्र में गढ़ गंगा उफान पर आ गयी है। उत्तराखण्ड के पहाड़ी क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के कारण और बिजनौर के बैराज से 2 लाख 64 हजार क्यूसेक के अलावा हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से तीन लाख 20 हजार क्यूसेक पानी छोडे़ जाने के कारण हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसे के हालात उत्पन हो गए है। जहां गढ गंगा खादर के क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों का गढ़ शहर से सर्म्पक टूट गया है। बाढ़ के कारण क्षेत्र के ग्रामिणों में दहशत का माहौल और साथ ही किसानों से लेकर आम जनता और स्कूल आने जाने वाले छात्रों को भी गंगा के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।

हालात ऐसे है कि गंगा का पानी कई फिट ऊपर तक पहुंच गया है और आधे से ज्यादा बाइक पानी मे डूब कर निकल रही है। किसानों को अपने पशुओं का चारा लाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा के जल स्तर बढ़ने के किसानों की कई हजार बीघा फसल बर्बाद हो गयी है। जिसमे किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हो गया है, वहीं प्रशासन ने हाई अर्लट जारी किया हुआ है और अपनी नजर बनाए हुए है।

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हापुड़ अपरजिलाधिकारी व गढ़ एसडीएम सहित सरकारी अमला भी मुस्तैद नजर आ रहा है। अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का मुआयना करने पहुंचे और प्रभारिवत क्षेत्रों में आवागवन के लिए नाव की व्यवस्था तथा बाढ़ पीड़ितों के लिए चिकित्सा व राशन के साथ ही कैरोसिन की वयवस्था कराने के दिये आदेश।

अपर जिलाधिकारी जयनाथ यादव हापुड़ ने बताया कि अभी तो थोड़ा पानी गांव में आया है, लेकिन आने वाले कुछ दिनों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। जिसके मद्देनजर चिकित्सा अधिकारी व पशु चिकित्सा अधिकारी को अपनी टीमों के साथ सभी गांव का दौरा कर जो भी बाढ़ से पीड़ित है, उनको हर संभव मदद पर जाने की कोशिश में लगे रहेंगे। हापुड़ प्रशासन द्वारा जिन गांवों का शहरों से संपर्क टूट गया है उन गांवों के लिए नावों की व्यवस्था कराई जाएगी और अगर जलस्तर बढ़ता है तो ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को वहां से रेस्क्यू कर शहर में लाया जाएगा। हतियात के तौर पर विद्युत लाइन भी बंद कर दी गई है क्योंकि गांव में इस समय पानी भरा हुआ है।

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