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Alert: स्क्रब टाइफस की चपेट में आए छह मरीज, जानिए क्या है ये, कहीं आप तो नही आ रहे इसकी चपेट में

जिला अस्पताल के जांच केंद्र से भोपाल एम्स भेजे गए थे खून के सैंपल, रिपोर्ट से हुआ जानलेवा बुखार का खुलासा,

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हरदा

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Sanjeev Dubey

Dec 10, 2018

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हरदा. शहर में स्क्रब टाइफस (जानलेवा बुखार) का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। गत अक्टूबर माह में 12 रोगियों के सामने आने के बाद अब शहर के विभिन्न वार्डों में 6 रोगी मिले हैं। लगातार मरीजों की संख्या बढऩे से एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल) द्वारा मरीजों के आसपास रहने वाले लोगों की भी जांच कराई जा रही है, ताकि वायरस के फैलने का पता चल सके। एम्स के डॉक्टर एवं कर्मचारी घर-घर जाकर रोगियों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। दो क्षेत्रों के लोगों के ब्लड सैंपल लिए जा चुके हैं। सोमवार से शहर के वार्डांे में आम लोगों की जांच शुरूहोगी। जिन्हें भोपाल एम्स भेजा जाएगा।

शहर में मिले जानलेवा बुखार के 6 मरीज
पिछले दिनों जिला अस्पताल में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से इलाज कराने के लिए आए थे। जिनको इलाज देने पर भी वे ठीक नहीं हो रहे थे। इस पर डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल में स्थित भोपाल एम्स के स्क्रब टाइफस जांच केंद्र में जांच के लिए कहा था।यहां डॉ. एमएस मीणा द्वारा रोगियों की जांच कर उनके खून के सैंपल करवाए थे। इन सैंपलों को भोपाल एम्स में भेजा गया था। उनकी रिपोर्ट पॉजिटीव आई। डॉ. मीणा ने बताया कि शहर के खेड़ीपुरा, इमलीपुरा, मानपुरा, फाइल वार्ड के अलावा उड़ा, छोटीहरदा में एक-एक मरीज स्क्रब टाइफस बुखार से पीडि़त होना मिला है, जिन्हें जिला अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है।

एम्स की टीम कर रही घर-घर जाकर जांच
शहर में एक साथ इतने मरीजों की संख्या सामने आने के बाद भोपाल एम्स ने मरीजों के चिन्हित स्थलों का जायजा करने के लिए टीम को भेजा है। टीम के सदस्यों द्वारा पॉजिटीव मिले मरीजों के आसपास रहने वाले लोगों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं। उड़ा और छोटीहरदा में आम लोगों की जांच करने के बाद सोमवार से शहर के वार्डों में लोगों की जांच की जाएगी। डॉ.मीणा ने बताया कि चिन्हित मरीजों के आसपास रहने वाले 50-50 लोगों के खून की जांच कर सैंपल तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें टीम द्वारा एम्स भोपाल ले जाया जाएगा। आम लोगों के खून के सैंपल लिए जाने से लोगों में हड़कंप है।

गोचड़ी और घास के कीड़ों से होती है बीमारी
डॉ. मीणा ने बताया कि कहा कि स्क्रब टाइफस बुखार का कारगर इलाज तलाशने के लिए एम्स और नासा ने मिलकर प्रोजेक्ट बनाया है। इस बुखार के वायरस सिर में होने वाली जूं, पशुओं को लगने वाली गोचड़ी और घास के अंदर पलने वाले कीड़ों में पाया जाता है। इनके काटने के बाद व्यक्ति उक्त बीमारी से ग्रसित होता है। ५ से 12 दिनों के अंदर रोग के लक्षण सामने आने लगते हैं। बुखार की शुरुआत सिरदर्द, भूख न लगना, तबियत का भारीपन, अचानक सर्दी लगकर तेज बुखार चढ़ता है, वहीं बहुत ज्यादा कमजोरी आती है। इसके अलावा बेहोशी और हृदय संबंधी समस्याएं सामने आती हैं। बुखार के चौथे से लेकर छठे दिन तक के भीतर शरीर पर दाने निकल आते हैं।

इनका कहना है
शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 6 लोग स्क्रब टाइफस जानलेवा बुखार से पीडि़त होना मिले हैं। भोपाल एम्स की टीम द्वारा मरीजों के आसपास रहने वाले 50-50 आम लोगों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि वायरस फैल तो नहीं रहा है। चिन्हित हुए मरीजों को जिला अस्पताल मेें इलाज दिया जा रहा है।
डॉ. एमएस मीणा, एम्स भोपाल

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