
70 पीओएस मशीनें खराब, रजिस्टर में नाम लिखकर होता है राशन वितरण, कालाबाजारी की आशंका
हरदा. जिले के करीब 10000 से ज्यादा गरीब परिवारों को हर महीने राशन वितरण में समस्या आ रही है। पीओएस (पाइंट ऑफ सेल) मशीन खराब होना इसका कारण बनता है। यह समस्या हर महीने आती है। गरीब परिवारों को रजिस्टर में नाम दर्ज कर राशन दिया जा रहा है। इससे कालाबाजारी की आशंका बढ़ी है। शासन स्तर से इस समस्या का कोई ठोस निराकरण नहीं किया जा रहा।
जिले के 75000 परिवारों को 225 सहकारी खाद्य दुकानों के माध्यम से राशन मिलता है। राशन दुकानों पर खाद्यान्न वितरण में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए करीब दो साल पहले यह काम पीओएस मशीन से कराने की शुरुआत हरदा जिले से ही हुई थी। बाद में इसे प्रदेश के सभी जिलों में संचालित किया गया था। जहां से नवाचार की शुरुआत हुई, वहीं यह काम ठीक ढंग से नहीं चल पा रहा है। दुकान संचालकों को जो पीओएस मशीन उपलब्ध कराई गई हैं इनमें हर महीने डेटा डाउनलोडिंग होती है। इसी के बाद परिवारों को राशन का वितरण किया जाता है। सभी मशीनें एक साथ कभी नहीं चलीं। हर महीने खराब मशीनों की संख्या बढ़ती रही। इनमें तकनीकी दिक्कतें आने तथा नेटवर्क प्रॉब्लम से डेटा नहीं मिल पाता। लोगों को समय पर राशन देने के लिए खाद्य विभाग के निर्देश पर वापस पुरानी व्यवस्था अपनाते हुए रजिस्टर में नाम दर्ज करना पड़ रहा है। इससे राशन की कालाबाजारी बढऩे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
एक तकनीशियन के भरोसे सारी मशीनों का रखरखाव
शासन की ओर से प्रदेश के हर जिले में अलग-अलग कंपनी को मशीन ऑपरेटिंग का काम दिया गया है। जिले में यह काम डीएसके डिजीटल के पास है। कंपनी द्वारा मशीनों के सुधार के लिए यहां एक ही तकनीकी जानकार को रखा गया है। वे ही खाद्य विभाग के कार्यालय में मशीन के तकनीकी फॉल्ट दूर करने के साथ ही डेटा डाउनलोडिंग की समस्या का निराकरण करते हैं। फिलहाल जिले में 7० मशीनें खराब बताई जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर सुधार न होने से इन्हें भोपाल भेजा गया है।
साढ़े तीन लाख लोगों को मिलता है राशन
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत बीपीएल, अंत्योदय व अन्य श्रेणी में जिले के 7५000 परिवार फिलहाल राशन ले रहे हैं। इन परिवारों के करीब साढ़े तीन लाख लोगों के लिए हर महीने २२५ राशन दुकानों से ३३४५ क्विंटल गेहूं, ७९४ क्विंटल चावल, ७५० क्विंटल नमक व 1 लाख 56 हजार लीटर केरोसीन बांटा जाता है। अंत्योदय योजना के तहत हर कार्डधारी को प्रतिमाह ३५ किलो गेहूं व अन्य श्रेणी के कार्डधारियों को महीने में प्रति व्यक्ति ५ किलो अनाज व दो लीटर केरोसीन दिया जाता है।
सात हजार परिवारों को अगले महीने शकर मिलेेगी
जिले के सात हजार गरीब परिवारों का रक्षाबंधन त्योहार मिठास से भरा रहेगा। शासन के निर्देश पर उन्हें अगस्त महीने में राशन दुकानों से शकर भी बांटी जाएगी। ज्ञात हो कि राशन दुकानों से लंबे समय बाद शकर का वितरण किया जाएगा। कोटा नहीं होने से इसका वितरण बंद किया गया था।
93 प्रतिशत के ही आधार लिंक हो सके
शासन की मंशानुसार शत्-प्रतिशत लोगों के आधार नंबर उनके राशन कार्ड से लिंक नहीं हो सके हैं। जिले के 7 प्रतिशत राशन कार्डधारी अब भी इससे बचे हैं। पीओएस मशीन पर आधार नंबर मैच होने के बाद ही राशन वितरण किया जाता है। यानि 93 प्रतिशत कार्डधारी ही नई व्यवस्था से जुड़ सके हैं।
इनका कहना है
पीओएस मशीनों के संचालन में आने वाली दिक्कतों से समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाता है। इनके रखरखाव का काम शासन स्तर से ही निर्धारित होता है। व्यवस्था संचालन के लिए ऑफलाइन राशन वितरण कराना पड़ रहा है। इससे कालाबाजारी बढऩे से इंकार नहीं किया जा सकता।
- ओपी पांडे, जिला आपूर्ति अधिकारी
Published on:
28 Jul 2018 12:18 pm
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