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90 फीसदी यात्री बसें नहीं हुई शुरू, बस स्टैंड पर पहुंचे अधिकांश यात्री वापस लौटे

सोमवार से बसें शुरू करने की बात कह रहे बस आपरेटर्स जो बसें चल रही है उनमें भी कम यात्री पहुंच रहे

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90 फीसदी यात्री बसें नहीं हुई शुरू, बस स्टैंड पर पहुंचे अधिकांश यात्री  वापस लौटे

बस में बगैर मास्क लगाए टिकट बनाता परिचालक

हरदा. कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए विगत २२ मार्च को लॉकडाउन लगने के बाद बसों का संचालन बंद हो गया था। करीब ४ माह तक सभी बसें बंद रहने के बाद एक माह पूर्व कुछ बसें चलना शुरू हो गई थी। लेकिन अधिकांश बसें नहीं चलने से यात्रियों को आवागमन में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन समाप्त के बावजूद बस ऑपरेटरर्स संक्रमण काल का बसों का टैक्स माफ करने एवं किराया वृद्धि की मांग को लेकर बसों का संचालन शुरू नहीं कर रहे थे। शुक्रवार को सरकार एवं बस ऑपरेटरर्स के बीच सुलह होने के बाद शनिवार से सभी रूटों पर बसें शुरू होने की जानकारी लगने पर कई यात्री बस स्टैंड पहुंचे। लेकिन ९० फीसदी से अधिक बसें शुरू नहीं होने से उन्हेंं बैरंग वापस लौटना पड़ा। हालांकि बस आपरेटेर्स द्वारा सोमवार से अधिकांश बसें शुरू करने की बात कही जा रही है।
ढेड़ सौ में से चल रही मात्र एक दर्जन बसें-
जानकारी के मुताबिक हरदा से विभिन्न शहरों एवं कस्बों के लिए करीब डेढ़ सौ से अधिक बसें रोजाना चलती है। इनमें से हरदा से इंदौर आने जाने के लिए करीब आधा दर्जन बस एक माह पूर्व शुरू हो चुकी है। वहीं कुछ बसें इंदौर-होशंगाबाद, इंदौर-बैतूल, इंदौर-पीथमपुर, इंदौर-खिरकिया व सिराली के लिए शुरू हुई है। इसके अलावा हरदा से सिराली एवं रहटगांव के लिए भी इक्का दुक्का बसे शुरू हुई। लेकिन हरदा-खंडवा, हरदा-होशंगाबाद, हरदा-कांटाफोड़-सतवास, हरदा-नसरूलागंज, हरदा-मगरधा, हरदा-शिवपुर सहित अन्य बसें शनिवार को भी शुरू नहीं हुई। इससे बस स्टैंड पहुंचे यात्री काफी देर तक बसों का इंतजार करने के बाद लौट गए। कुछ यात्री, बसें बदल-बदलकर अपने गंत्वय के लिए रवाना हुए भी तो उन्हें समय एवं धन दोनों अधिक खर्च करना पड़ा।
अधिक किराया वसूल रहे परिचालक-
वर्तमान में जो बसें चल रही है उनमें भी कम यात्री यात्रा कर रहे है। इससे बस संचालक घाटे में बसें चलाने की बात कह रहे है। ऐसे में यात्रियों द्वारा अधिक किराया वसूलने की बात भी की जा रही है। यात्रियों को मुंह मांगा किराया देकर यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
बगैर मास्क लगाए कर रहे यात्रा -
बसों में भीड़ नहीं होने एक सीट पर एक ही यात्री के बैठने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो हो रहा है। लेकिन बसों एवंं यात्रियों को सेनेटाइज करने पर बस चालक परिचालक ध्यान नहीं दे रहे है। इसके अलावा बसों में यात्रा करने करने वाले कई यात्री सहित बसों के चालक परिचालक भी मास्क नहीं लगा रहे है। ऐसे में संक्रमण फैलने का अंदेशा बना रहता है।
दुकान संचालक हुए निराश-
लंबे समय से सुनसान पड़े बस स्टैंड पर शनिवार को कुछ रौनक दिखाई दी। बसों के शुरू होने के जानकारी लगने से कुछ होटल एवं चाय पान की दुकानें खुल गई। कुछ यात्री भी बस स्टैंड पर पहुंच गए। लेकिन अधिकांश बसें नहीं चलने से उन्हें निराशा हाथ लगी।
बस स्टैंड पर यात्रियों ने कहा
कांटाफोड़ जाने के लिए दो घंटे से अधिक समय से बस का इंतजार कर रहा हूं। लेकिन यहां बताया जा रहा है अभी कांटाफोड़ के लिए बस शुरू नहीं हुई है। ऐसे में इंदौर जाने वाली बस से कन्नौद तक जाना पड़ेगा। लेकिन कन्नोद के लिए भी बस नहीं मिल रही है।
रामबकस उइके, गोमगांव
जरूरी काम से सतवास जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे है। लेकिन आज भी बस शुरू नहीं होने की बात कही जा रही है। एक दो घंटा और इंतजार करते है यदि बस नहीं आई तो वापस गांव लौटना पड़ेगा।
शरीफ खान, रहटगांव
कई दिनों से परिवार के लोगों से मिलने छनेरा जाने की सोच रहा था, लेकिन बसें बंद होने से नहीं जा पा रहा था। आज से बसें शुरू होने की जानकारी लगने पर बस स्टैंड आया हूं, लेकिन छनेरा जाने के लिए आज भी बस नहीं मिल रही है।
मांगीलाल यादव, हरदा
कन्नौद जाने के लिए आज भी बस नहीं मिल रही है। दो घंटे से बस का इंतजार कर हूं। इंदौर जाने वाली एक बस मेंं कन्नोद तक किराया १०० रुपए मांगा जा रहा था। इसलिए उससे नहीं जा पाया।
लक्ष्मीनारायण मंडरावत, कन्नौद
इनका कहना है-
यह सही बात है आज भी ९० प्रतिशत से अधिक बसें शुरू नहीं हो पाई है। कम यात्री आने से घाटे में बसें चल रही हंै। ५ माह से खड़ी बसों का शुरू करने की तैयारी की जा रहीं है। सोमवार से अधिकांश बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
भूपेश पटेल, अध्यक्ष, जिला बस आपरेटरर्स एसोसिएशन, हरदा