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टिड्डी दल के हमले से हुए नुकसान को देखने पहुंचे कृषि मंत्री, मुआवजा देने की घोषणा

एक दिवसीय दौरे पर आए मंत्री के हर कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ी
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हरदा

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poonam soni

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Updated: 26 May 2020, 6:58 PM IST

टिड्डी दल के हमले से हुए नुकसान को देखने पहुंचे कृषि मंत्री, मुआवजा देने की घोषणा

टिड्डी दल के हमले से हुए नुकसान को देखने पहुंचे कृषि मंत्री, मुआवजा देने की घोषणा

हरदा/खिरकिया/मसनगांव। स्थानीय विधायक व कृषि मंत्री कमल पटेल ने सोमवार को बारंगा व मसनगांव में टिड्डी दल के हमले से प्रभावित फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों तथा उप संचालक कृषि एमपीएस चंद्रावत से टिड्डियों की रोकथाम को लेकर किए जा रहे प्रयास व नुकसान के बारे में पूछताछ की। इस दौरान पटेल ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही से किसानों को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है। जितना नुकसान हुआ उसका सर्वेक्षण कराया जाएगा। सर्वेक्षण का कार्य राजस्व विभाग और कृषि विभाग के अमले का संयुक्त दल बनाकर कराया जाएगा। जिन किसानों को अधिक मात्रा में नुकसान हुआ है उन्हें आरबीसी 6 (4) के अंतर्गत मुआवजा देकर क्षतिपूर्ति की जाएगी।

कृषि मंत्री के साथ मौजूद
दौरे के बाद कृषि मंत्री ने सर्किट हाउस में कलेक्टर अनुराग वर्मा, एसपी मनीष कुमार अग्रवाल सहित अन्य जिलाधिकारियों से चर्चा भी की इस दौरान उन्होंने बिजली कंपनी के उप महाप्रबंधक को निर्देशित करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान दुकानें एवं उद्योग बंद होने पर भी औसत बिलिंग के आधार पर अधिक बिल प्राप्त हुए हैं। इन बिलों को रिवाइज करना सुनिश्चित करें। पटेल ने कहा कि वे हरदा जिले को प्रदेश का पहला ऐसा जिला बनाना चाहते हैं जहां कोई भी व्यक्ति भीख ना मांगे। इसके लिए जिले में अपना घर योजना लागू करेंगे। इसके अंतर्गत जिनका कोई नहीं है उनके लिए भोजन एवं रहने की व्यवस्था जनप्रतिनिधि, प्रशासन एवं समाज द्वारा मिलकर की जाएगी। जिले को हमें प्रदेश में एक मॉडल के रूप में विकसित करना है। जहां भी विकास कार्य कराने की आवश्यकता है, उनका एस्टीमेट तैयार कर भेजें।

अवैध उत्खन्न पर भी दिए निर्देश
उन्होंने अवैध उत्खनन रोकने पर अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नर्मदा नदी हम सबकी आस्था का प्रतीक है। इसमें पोकलेन एवं जेसीबी मशीन नहीं चलनी चाहिए। ओवरलोड डंपरों के विरुद्ध भी कड़ी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होंने समर्थन मूल्य खरीदी, स्वास्थ्य सुविधा, उद्यानिकी, लोक निर्माण विभाग आदि के कार्यों की समीक्षा करते हुए जरूरी निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किए गए कार्य के लिए जिला प्रशासन की प्रशंसा की। बैठक में टिमरनी विधायक संजय शाह, नपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन, जिला पंचायत सीईओ दिलीप कुमार यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष अमरसिंह मीणा आदि उपस्थित रहे।

जिले में जैविक विवि खोलेंगे
पत्रकारों से चर्चा में पटेल ने कहा कि नर्मदापुरम संभाग को जैविक खेती के मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा हरदा जिले में जैविक खेती का विश्वविद्यालय बनाएंगे। कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से लोगों को बचाने के लिए यह बेहद जरूरी है।

दौरे में खुलकर हुआ सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन
कृषि मंत्री के गृहग्राम बारंगा में सोमवार सुबह से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी सहित अन्य लोग पहुंचे। मंत्री को समस्या बताने व शुभकामना देने के दौरान खुलकर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ। सर्किट हाउस में आयोजित बैठक के दौरान भी इसे नजरअंदाज करते हुए नेता और अफसर सटकर बैठे और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मंत्री पटेल जब यहां से रवाना हुए तब भी कार के आसपास खासी भीड़ जमा रही।
पूर्व विधायक ने कहा उनकी मांग पर रहा दौरा, कृषि मंत्री ने डॉ. दोगने को धन्यवाद दिया

सीएम से की मुआवजे की मांग
इधर, पूर्व विधायक डॉ. आरके दोगने ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताते हुए कहा कि उनके पत्र को संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कृषि मंत्री कमल पटेल को जिले के दौरे पर भेजा। डॉ. दोगने के मुताबिक उन्होंने सीएम को पत्र लिखकर टिड्डी दल के हमले से हुए नुकसान और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की थी। डॉ. दोगने के इस बयान पर पत्रिका ने कृषि मंत्री का रुख जाना तो उन्होंने केवल इतना कहा कि उन्हें (डॉ. दोगने को) धन्यवाद। नर्मदा जीनिंग फैक्ट्री की जमीन को बचाने के लिए भी वे इसी तरह आगे आए थे।