
इस क्षेत्र में नर्मदा एक्सप्रेस वे बनने से यातायात होगा सुगम
खिरकिया. क्षेत्र का महत्वाकांक्षी रोड प्रोजेक्ट हरदा आशापुर-हाइवे परियोजना शीघ्र ही मूर्तरूप लेगी। इससे विकासखंड सहित खंडवा जिले कई गांव लाभांवित होंगे। आशापुर-हरदा हाइवे को लेकर मार्ग का जमीनी स्तर पर क्रियांवयन के लिए प्रक्रियाएं तेजी से चल रही है। ऐसा में माना जा रहा है कि प्रदेश में नर्मदा एक्सप्रेस वे के निर्माण से पहले इसका निर्माण हो जाएगा। मार्ग की डिजाइन को लेकर सर्वे कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस हाइवे के निर्माण से क्षेत्र में यातयात सुगम होगा। जानकारी के अनुसार इस डबललेन हाइवे की लंबाई आशापुर से हरदा तक करीब 75 किमी होगी। जिसमें बायपास एवं पुल, पुलियाओं का भी निर्माण किया जाएगा। नगरीय क्षेत्र को जोड़ते हुए विकासखंड के कई गांवों से होकर मार्ग निकलेगा। समूची परियोजना की लागत करीब 290 करोड़ रूपए प्रारंभिक रूप से आंकी गई है। मार्ग की डिजाइन, लंबाई व अन्य प्रक्रियाएं पूर्ण हो चुकी है, निर्माण और टेंडर के दौरान इसमें आंशिक संशोधन भी किया जा सकता है। निरीक्षण प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, इसके बाद टेंडर लगना शेष है।
नेशनल हाइवे को जोड़ेगा मार्ग -
आशापुर-हरदा हाइवे दो नेशनल हाइवे को जुड़ेगा। आशापुर से हरदा तक इस मार्ग का निर्माण किया जाएगा। यह एनएच हाइवे 59 ए से एनएच 347 बी के मध्य होगा। जिसकी कुल लंबाई 75 किमी होगी। इस बीच आने वाले इंदिरा सागर हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्लांट, पर्यटन स्थल हनुवंतिया टापू को भी इस मार्ग के माध्यम से जोड़ा जाएगा। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार हाइवे से खंडवा जिले का सडिय़ापानी, रामपुरी, झूम्मरखाली, धारूखेड़ी, हरदा जिले के मुहालकला, मांदला, बारंगी, कांकरिया, मसनगांव, कड़ोला से होकर यह मार्ग निकलेगा। जिसमें 76 .21 प्रतिशत कृषि भूमि, 2.16 प्रतिशत वन भूमि एवं 21.6 4 प्रतिशत निर्मित क्षेत्र प्रभावित होगा। नगर में यह मार्ग छीपाबड़ ढाबे से तालाब का हिस्सा लेते हुए पोखरनी बजरंग कुटिया तक होगा परिवर्तित होगा।
14 मीटर होगी मार्ग की चौड़ाई -
हाइवे के तहत निर्मित किए जाने वाला मार्ग 2 लेन होगा। जिसमें समूचे मार्ग की चौड़ाई 14 मीटर होगी। जिसमे 5-5 मीटर में 2 लेन मार्ग का निर्माण होगा। मार्ग के बाजू से 2-2 मीटर के सोल्डर का निर्माण किया जाएगा। रहवासी क्षेत्र को जोडऩे वाले हिस्से का निर्माण सीसी किया जाएगा, जबकि शेष मार्ग डामरीकरण होगा। प्रांरभिक रूप से सीधे मार्ग का निर्माण किया जाएगा। जिसका टेंडर कुछ ही समय में लग जाएंगे। इसके बाद बायपास का निर्माण होगा। वहीं समूचे मार्ग निर्माण में आधा दर्जन पुल, एक रेल ओव्हर ब्रीज, दो दर्जन पुलियाएं एवं 8 0 पाइप पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा।
तहसील में बनेंगे 4 बायपास -
समूचे हाइवे पर 5 बायपास मार्गो का निर्माण किया जाएगा, लेेकिन इसमें 4 का निर्माण खिरकिया तहसील में ही किया जाएगा। आशापुर हरदा हाइवे मार्ग से पोखरनी, छीपाबड़, मुहाल एवं मंादला तक पहुंचने के लिए बायपास का निर्माण किया जाएगा। एक हरदा के समीप बायपास का निर्माण होगा। यह बायपास मार्ग आपस में एक दूसरे से जुड़ेंगे। जिसमे पोखरनी बायपास 1.12 किमी, छीपाबड़ बायपास 4.46 किमी, मुहालकलां1.50 किमी, मांदला बायपास 1.26 किमी, हरदा बायपास का 6 .99 किमी निर्माण कर हाइवे से गांव व शहरों को जोड़ा जाना प्रस्तावित है। प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही एलएन मालवीय इन्फास्ट्रक्चर के इंजीनियर आदित्य पालीवाल ने बताया कि प्रारंभिक रूप से सर्वे के अनुसार कार्य प्रस्तावित है। कुछ सर्वे कार्य शेष है, जिसके बाद परियोजना का अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाना है। जिसमें आंशिक संशोधन भी किए जा सकते है।
इनका कहना है-
आशापुर- हरदा मार्ग को लेकर एक दल द्वारा भौगोलिक निरीक्षण किया गया था। परियोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं है।
वीपी यादव, एसडीएम, खिरकिया
Published on:
28 Jul 2018 11:39 am
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