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दावा:पहले आए आवेदन,परिषद की बैठक में नहीं रखे,इसलिए 21 लाख का नुकसान

हरदा। नपा परिषद की बिना अनुमति व बिना विज्ञापन प्रकाशन के अपने चेहतों को उपकृत करने और लाभ कमाने की मंशा से मेले की लिए दी दिए मैदान के लिए आए आवेदन व आपत्तियां सीएमओ ने बैठक में नहीं रखीं। इससे नपा को तय अवधि में करीब 21 लाख का नुकसान होगा। सीएमओ,राजस्व निरीक्षक की मनमानी से नपा को लग रही चपत की शिकायत कलेक्टर से आयुक्त नगरीय प्रशासन तक जा पहुंची है। जिसमें 21 लाख के नुकसान का दावा विश्लेषण के जरिए किया गया है। पत्रिका की खबर के बाद शनिवार को पटवारी ने दोबारा नपती की। जिसमें फिलहाल 24 हजार वर्

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हरदा

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Mahesh bhawre

May 20, 2023

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पटाखा,राखी बाजार नीलाम,मेला क्यों नहीं:
हर साल पटाखा,राखी बाजार के लिए नपा खुली नीलामी करती है। आवेदन ज्यादा होेने पर ड्रा निकालती है। शुरुआती क्रम की दुकानें ज्यादा महंगी जाती है। ऐसे में हर साल मेले के लिए सालों पुराने 75 पैसे प्रति वर्गफीट के रेट से मैदान देना,ज्यादा आवेदन होने पर भी परिषद में न रखना,नीलामी न करना, इश्तहार से परहेज करना समझ से परे है।सूत्र बताते हैं कि नपा से 75 पैसे वर्गफीट में ली जमीन मौके पर दुकानों के स्टॉल के लिए 20-30 गुना ज्यादा रेट में दी गई हैं।



ठेकेदार ने 21 फरवरी 23 को आवेदन दिया। अन्य आवेदकों ने भी आवेदन दे दिए थे। तब भी सीएमओ व नपाध्यक्ष दोनों ने परिषद की दोनों बैठक ऐजेंडा क्र. 05 / सा.प्र. / 2023/1017 साधारण सम्मेलन 20/03/2023 और ऐजेंडा क्र. 04/सा. / प्र./ 2023 / 1234 विशेष सम्मेलन 31/03/2023 में एबीएम ग्राउण्ड का विषय नहीं रखा। यह जांच का विषय है। यदि परिषद में रखा जाता तो सभी की सहमति से किराया तय होता,जिससे नपा को राजस्व मिलता। पार्षदों ने पूरे मामले में शर्तेंन बताने और जांच व नपाई के लीपापोती करने की आयुक्त से शिकायत की है।

पार्षदों द्वारा आयुक्त नगरीय प्रशासन को विश्लेषण सहित शिकायत की गई। इसमें कहा कि सीएमओ,आरआई ने 0.75 पैसे प्रति वर्गफीट रेट पर 110 X 160 = 17600 फीट यानि 17600 X 0.75 = 13200 रुपए किराया और 18 प्रतिशत जीएसटी सहित भूमि प्रतिदिन के हिसाब से 51 दिन के लिए दी है। इसकी कुल राशि 673200 रुपए व जीएसटी 121176 रुपए यानि नप को कुल 794376 रुपए मिलेंगे। ठेकेदार 1.30 एकड़ यानि 65 हजार वर्गफीट जगह उपयोग कर रहा है। ऐसे में 0.75 पैसे प्रति वर्गफीट रेट पर ही 65000 X 0.75 = 48750 रुपए व 18 प्रतिशत जीएसटी सहित प्रतिदिन के हिसाब से 51 दिन की किराया राशि 24,86,250 और जीएसटी 447525 रुपए यानि कुल 29,33,775 रुपए हाेती है। अभी करीब 15 हजार रुपए रोज ही लिए जा रहे हैं।


ऐसे की नपाई:
सुबह 10 बजे मौके पर नपा के पटवारी,आरआई ने नपाई की। इसमें मेला संचालक द्वारा टीन लगाकर की गई बाउंड्री के भीतर उपयोग किए जा रहे ग्राउंड को नापने के बजाय उस जगह को नापकर जोड़ा गया,जहां स्टॉल लगाए गए हैं। नपा ने कवर्ड बाउंड्री के भीतर चलने फिरने व उपयोग में ली जा रही जगह को किराये से मुक्त माना है,अनुबंध की शर्तों का खुलासा नहीं होने से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। वहीं नपा ने दावा किया कि पार्किंग के लिए न तो कोई जगह दी है और न हीं ठेकेदार ने ली है। मेला रात को कब तक चालू रहेगा,यह भी स्पष्ट नहीं है। नपाई,अतिरिक्त किराये की वसूली,शर्तों के उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी के लिए सीएमओ ज्ञानेंद्र यादव,आरआई श्रीकांत बंसल को कई बार कॉल किया,लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।


इनका कहना है

शनिवार को मेला ग्राउंड की नपाई कराई है। इसमें करीब 24 हजार वर्गफीट जगह का उपयोग करने की बात सामने आयी है।पार्किंग के लिए कोई जगह नहीं दी है। मेले में पार्किंग फ्री है।साफ सफाई रखने को कहा है।ठेकेदार द्वारा जितनी भूमि अतिरिक्त उपयोग की जा रही है,उसका अलग से किराया वसूला जाएगा।
-राजू कमेडिया,सांसद प्रतिनिधि,नपा हरदा