28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कलेक्टर के सख्त आदेश : 21 अप्रैल से सरकारी और प्राइवेट सभी स्कूल 12 के बाद नहीं खुलेंगे

कलेक्टर ऋषि गर्ग के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी एलएन प्रजापति द्वारा सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को आदेश जारी कर दिया है.

2 min read
Google source verification
कलेक्टर के सख्त आदेश : 21 अप्रैल से सरकारी और प्राइवेट सभी स्कूल 12 के बाद नहीं खुलेंगे

कलेक्टर के सख्त आदेश : 21 अप्रैल से सरकारी और प्राइवेट सभी स्कूल 12 के बाद नहीं खुलेंगे

हरदा. भीषण गर्मी को देखते हुए मध्यप्रदेश के हरदा जिले के कलेक्टर ने सख्त आदेश किए हैं, जिसके तहत अब 12 बजे के बाद एक भी स्कूल नहीं खुलेगा, यानी अब सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का समय बदल दिया है, ताकि बच्चों को गर्मी के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

जानकारी के अनुसार हरदा कलेक्टर ऋषि गर्ग के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी एलएन प्रजापति द्वारा सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को आदेश जारी कर दिया है, जिसके तहत 21 अप्रैल से सभी स्कूल सुबह 07.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगेंगे, इस समय के बाद यानी दोपहर 12 बजे बाद कोई भी स्कूल लगा हुआ नजर आया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

आपको बतादें कि मध्यप्रदेश में अब दिनों दिन गर्मी के तेवर तीखे होते जा रहे हैं, कई जिलों में तो तापमान 40 से 42 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है, ऐसे में सुबह 8 बजे से ही धूप तीखी लगने लगती है, इस कारण लोगों को दिन में घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है, ऐसे में कहीं बच्चों के स्वास्थ पर प्रतिकूल असर नहीं पड़े, इस कारण कलेक्टर द्वारा तत्काल अहम निर्णय लिया गया है। ताकि गर्मी के दौरान बच्चे स्वस्थ रहे और सुबह सुबह ही स्कूल आकर अपने घर चले जाएं।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार प्रतिदिन हो रही तापमान में वृद्धि के कारण शालाओं में अध्यनरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की संभावना को देखते हुए जिले के अंतर्गत संचालित होने वाले सभी शासकीय व अशासकीय स्कूलों में शाला संचालन का समय सुबह 07.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया है, दोपहर 12 बजे के बाद कोई भी स्कूल संचालित नहीं होगा, हालांकि शिक्षकों को समय पर शालाओं में उपस्थित होकर मूल्यांकन और अन्य गतिविधियों का संचालन करना है।