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पूणे के राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में बिखरे भुआणा के गणगौर के रंग

हरदा.महाराष्ट्र के पूणे में नई दिल्ली संस्कृति मंत्रालय पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर (राजस्थान) और दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर (महाराष्ट्र)के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिनी राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव आयोजित हुआ। इसमें देश के विभिन्न प्रांतों से 12 चुनिंदा नृत्य दलों को इसमें न्यौता दिया गया। इसमें मप्र के हरदा से लोकगायिका मिशा शर्मा और उनकी टीम ने जिले का प्रतिनिधित्व किया। इसमें अंचल के प्रसिद्ध गणगौर नृत्य की प्रस्तुति को राष्ट्रीय स्तर पर बेहद सराहा गया।

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हरदा

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Mahesh bhawre

Sep 25, 2023

 पूणे के राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में बिखरे भुआणा के गणगौर के रंग

Colors of Gangaur of Bhuana scattered in National Culture Festival of Pune

मिशा ने बताया कि यह उत्सव राज्यपाल के विशेष आतिथ्य में 22 से 24 सितंबर के बीच लोक कला और संस्कृति पर आधारित यह कार्यक्रम पूणे महानगरपालिका के लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे स्मारक सभागार में हुआ। इसमें देश के िविभिन्न राज्यों से आए 200 से भी अधिक कलाकारों ने अपनी कला और संस्कृति का रंग बिखेरा। महोत्सव में गणगौर,गुसाड़ी, कच्ची घोड़ी,सिडीधमाल, कालबेलिया, मांगणियार,कोली,लंबाड़ी,धनगरीगजा ,सौंगी मुखवटे,ढोलकुनिथा,डांगी,पंथी आदि लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी गई।

गणगौर नृत्य के पारंपरिक वेशभूषा,वाद्य और गीतों पर हरदा जिले के ग्राम छीपानेर की बेटियों ने शानदार नृत्य किया। गणगौर लोकनृत्य पूरे निमाड़ और भुआणा अंचल में धूमधाम से मनाया जाता है। भुआणा अंचल में गीत संगीत नृत्य का विशेष महत्व होता है।मां गणगौर के रथ और नृत्य साज सज्जा के साथ जब दल ने प्रस्तुति दी तो सभागार तालियों की गूंज उठा। शर्मा बताती हैं कि वे इस विधा और अपनी कला व संस्कृति में रुचि रखने वाली उभरती प्रतिभाओं को भी इसकी बारीकियां सिखा रही हैं। जिससे वे हमारी संस्कृति कला और धरोहर को आधुनिकता की चकाचौंध में गुम होने से बचा सकें। उन्होंने बताया कि वे अपने साथ प्रस्तुति के दौरान वैष्णवी लाहोरे,सर्वेष्ठा राजपूत हारमोनियम पर संगत करने वाले गायक सुमित शर्मा ढोलक के साथी मयंक मालवीय और विनोद गौर को भी साथ ले जाती हैं,जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित हों।