
अब बड़े परिसर में लगेगा न्यायालय, कोर्ट का हुआ स्थानांतरण
खिरकिया. नगर के स्थित सिविल न्यायालय अब बड़े भवन मे संचालित होगा। जनपद पंचायत के पुराने भवन को कोर्ट के रूप में विकसित किया गया है। यह भवन पहले से बड़ा है और यहां कक्ष के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी हैै। शनिवार को न्यायालय इस भवन में स्थानांतरित हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकला चंद्र ने फीता काटकर नए भवन का शुभारंभ किया। इस मौके पर न्यायायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक नागराज, टीआई राजेश साहू, अधिवक्ता संद्य अध्यक्ष जीएस राय, मनीष तिवारी, दीपक राय, परीक्षित तिवारी, संजय पारासन, सपना भैसारे सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद थे। नए भवन में नागरिको, अधिवक्ताओं, परिवादियों सहित अन्य से और अधिक सुविधाऐ मिलेगी, वही कार्य में आसानी होगी। जानकारी के अनुसार नगर मे लिंक कोर्ट के रूप मे स्वीकृत हुआ न्यायालय वर्तमान मे सिविल न्यायालय है, जो प्रारंभिक रूप से कृषि विभाग के पुराने एवं छोटे भवन मे संचालित हो रहा था, लेकिन कोर्ट के नियमित होने के बाद कार्यों मे वृद्धि होने वाले बड़े भवन की आवश्यकता होना लगी।यही कारण है कि कोर्ट को कृषि भवन के बाजू से ही स्थित जपं के भवन मे स्थानांतरित किया गया।
कोर्ट के रूप तैयार किया पुराना भवन
पूवज़् मे इस भवन मे जनपद पंचायत का कार्य किया जाता था। भवन में क्षतिग्रस्त एवं खस्ताहाल होने पर जनपद पंचायत द्वारा इस भवन मे खाली कर दिया गया था, लेकिन लोक निर्माण विभाग के माध्यम से भवन में दुरूस्त कराकर कोर्ट के रूप मे तैयार किया। भवन की छत पर पुराने कबेलु को हटाकर टीन लगाए गए वहीं खिड़की दरवाजे भी दुरूस्त किए गए। क्षतिग्रस्त स्थानों की भी मरम्मत कराई गई। इसके साथ ही न्यायिक मजिस्ट्रेट के चेंबर का निर्माण किया गया। प्रतीक्षा कक्ष, अधिवक्ता, परिवादियों के लिए स्थान सहित अन्य व्यवस्था इस भवन मे की गई।
१.५ वर्ष पूर्व नियमित हुआ था न्यायालय
नगर में लिंक कोर्ट के रूप मे न्यायालय खोला गया था। मई 2016 मे स्वीकृति के एक वर्ष बाद ही कोर्ट को नियमित कर दिया गया था। कोर्ट को नियमित हुए भी लगभग डेढ वर्ष हो चुका है। मई 2017 मे इस कोर्ट को नियमित कर दिया गया है। कोर्ट के नगर मे स्थापित होने से नागरिकों को सस्ता एवं सुलभ न्याय मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रकरणों का निपटारा तेजी से हो रहा है। अब कोर्ट का परिसर बढऩे पर नाागरिकों को सुविधा मिलेगी।
इनका कहना
कोर्ट का दूसरे भवन मे स्थानांतरण किया गया है। पहले भवन की अपेक्षा परिसर बड़ा होने के चलते परिवादी एवं अधिवक्ताओं को सुहुलियत होगी।
संजय पाराषर, उपाध्यक्ष, अधिवक्ता संघ खिरकिया
Published on:
23 Sept 2018 02:02 pm
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