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मनमाने दामों पर बिक रहा डीएपी व यूरिया खाद

रबी फसलों के लिए किसान अभी से कर रहे खाद का भंडारण

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मनमाने दामों पर बिक रहा डीएपी व यूरिया खाद

मनमाने दामों पर बिक रहा डीएपी व यूरिया खाद

मसनगांव. कोरोना वायरस संक्र्रमण के कारण रबी फसलों के लिए खाद का भंडारण किसानों द्वारा अभी से किया जा रहा है। गेहूं एवं चने की फसलों के लिए गांव में ट्रकों से डीएपी तथा यूरिया की खेप पहुंच रही है। यहां व्यापारियों द्वारा खाद की कमी बताकर मनमाने दामों पर बेचा जा रहा है। रबी फसलों में सबसे अधिक मांग डीएपी तथा यूरिया की रहती है। किसानों का कहना कोरोना संक्रमण काल के कारण मजदूरों की कमी से भविष्य में खाद की कमी आ सकती है। पहले भी यूरिया के लिए खासी मशक्कत करना पड़ी। इससे मजबूरी में अभी से खाद भंडारण करना पड़ रहा है। इस संबंध में कृषि विभाग के भी किसानों को जानकारी नहींं दे रहे हैं। इससे किसान स्वयं के विवेक से खाद लेने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों द्वारा खाद की मांग करने से व्यापारियों ने भी अधिक दाम वसूलना शुरू कर दिया है। डीएपी के दाम पिछले वर्ष 1065 थे, जो बढ़कर 1170 रुपए हो गया है। इसी प्रकार के यूरिया के दाम 267 रुपए से बढ़कर 300 से 320 रुपए हो गया है। इसके बाद भी किसान मंहगे दाम में खाद क्रय कर भंडारण कर रहे हैं। जबकि रबी फसलों की बोनी के लिए 6 माह से अधिक समय है।
किराना दुकानदार कमी बताकर मनमाने दामों में बेच रहे खाद्य सामग्री
टिमरनी. लॉकडाउन में किराना व्यापारियों द्वारा मनमाने दामों में खाद्य सामग्री बेेची जा रही हैं। ऐसे में ग्राहकों में तेल सहित अन्य खाद्य सामग्रियां मंहगे दामों में खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। दुकानदारों द्वारा सामान की कमी बताकर ओल्ड स्टॉक भी धड़ल्ले से खपाया जा रहा है। हरदा के एक व्यापारी द्वारा खाद्य तेल टिमरनी में बेचा जा रहा है। जबकि उसी कंपनी का डीलर टिमरनी में भी है। मामले की शिकायत के बाद टीआई राजेश साहू द्वारा जांच भी की गई थी। संबंधित व्यापारी के खिलाफ कंपनी द्वारा भी कार्रवाई की जाएगी। नगर में कई थोक दुकानों पर तेल उपलब्ध होने के बाबजूद भी रिटेल में अन्य दुकानदारों को नहीं दिया जा रहा है। ब्रांड के नाम का फायदा लेते हुए मंहगे दाम में गेहंू का आटा बेचा जा रहा है । रोजमर्रा में उपयोग में आने वाली खाद्य सामग्रियां मंहगी बेची जा रही है। जिस पर विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है।