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खिरकिया. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले चिकित्सकों एवं अस्पताल स्टाफ कर्मचारियों को आवास के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में स्टाफ के लिए पर्याप्त एवं सुविधायुक्त आवास व्यवस्था नहीं है। जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य में मरीजों की संख्या अधिक होती है। ऐसी स्थिति में बड़ा स्टाफ केन्द्र में पदस्थ्य है। कुछ स्टाफ केन्द्र परिसर में बने वर्षों पुराने एवं जर्जर क्वार्टरों में निवास करते हैं, वहीं कुछ अस्पताल परिसर के बाहर नगर में किराए के भवन लेकर निवास करते हंै। कुछ अपने निवास स्थान से अप डाउन करते हंै। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होती है।
अनुपयोगी हो गए आवास :
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का आधा स्टाफ एवं उनका परिवार वर्षों पुराने एवं जर्जर आवासों में निवास करता है। केन्द्र में वर्तमान में 11 पुराने भवन है। लगभग आधा दर्जन काफी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। पुराने कबेलू एवं मिट्टी की दीवारे होने की वजह से गिरने का भय बना रहता है। अस्पताल परिसर में मुख्य मार्ग से नीचा होने की वजह से इन भवनों में पानी भी भर जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसानी भी उठानी पड़ती है।
महज एक चिकित्सक के लिए आवास :
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंतर्गत महज एक चिकित्सक के लिए आवास है। वर्तमान में इस भवन में महिला चिकित्सक निवास करती हैं। वे भी कभी कभार ही रूकती है। वहीं अन्य चिकित्सकों के लिए कोई भी भवन नहीं है। वर्तमान में महिला चिकित्सक के अलावा बीएमओ भी पदस्थ हंै। लेकिन उन्हें भी किराए के मकान में ही रहना पड़ता है। ऐसी स्थिति में आवास के लिए काफी कठिनाई हो जाती है। ज्ञात हो कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बीएमओ सहित 40 कर्मचारियों का स्टाफ है। चिकित्सकों सहित एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को भवनों की आवश्यकता है। वहीं कुछ कर्मचारी पुराने भवन में ही रह रहे है।
इनका कहना ...
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुख्यालय पर रहवासी भवन का अभाव है। वरिष्ठ कार्यालय को इसकी जानकारी भेजी गई है।
डॉ. आरके विश्वकर्मा, बीएमओ
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