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जीव-जंतुओं को मारने का आदेश देने से वन्य प्रेमियों में निराशा

बिश्नोई समाज ने उठाई आवाज : नीलगाय के शिकार का आदेश वापस लो

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जीव-जंतुओं को मारने का आदेश देने से वन्य प्रेमियों में निराशा

जीव-जंतुओं को मारने का आदेश देने से वन्य प्रेमियों में निराशा

हरदा. मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विगत दिनों नील गाय के शिकार करने संबंधी आदेश पारित किया गया है। जिससे भारतवर्ष के वन्य जीव प्रेमियों एवं बिश्नोई समाज में रोष व्याप्त है। अखिल भारतीय बिश्नोई युवा संगठन के सदस्यों ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर प्रदेश सरकार से उक्त आदेश वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि संपूर्ण भारतवर्ष के वन्य जीव प्रेमी इस आदेश का पुरजोर विरोध करते हैं। मध्यक्षेत्र बिश्नोई सभा के अध्यक्ष आत्माराम पटेल, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पंवार, अखिल भारतीय बिश्नोई युवा संगठन के जिलाध्यक्ष अवध लोल ने बताया कि प्रदेश सरकार 5-5 नील गाय मारने की इजाजत दे रही है। सरकार द्वारा वर्ष 2000 व 2003 के नियमों का हवाला देकर यह कानून लागू कर जीव-जंतुओं को मारने का आदेश दिए जाने से देशभर के वन्य प्रेमियों में निराशा है। वहीं इस घिनौने आदेश से बिश्नोई समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। क्योंकि बिश्नोई समाज सदियों से जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों की रक्षा करते आया है। पर्यावरण व प्राणियों की रक्षा के लिए बिश्नोई समाज का बहुत बड़ा बलिदान है, जिसे प्रधानमंत्री ने भी सराहा है।

जीव-जंतुओं का जीवन संकट में पड़ जाएगा
यह बलिदान विश्व के लिए एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि हमारे आराध्य देव श्री गुरू जंभेश्वर भगवान ने भी आज से सैकड़ों वर्ष पूर्व 29 नियम बताकर हमें धर्म बताया था, जिन पर आज भी हमारा समाज चल रहा है। किंतु सरकार द्वारा नील गाय और को मारने के आदेश दिए गए जाने से समाज में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश के बाद इसकी हत्या की आड़ में मांसाहारी लोग, शिकारी वर्ग के रैकेट बड़े स्तर पर जीव-जंतुओं को मारेंगे, वहीं प्रकृति पर प्राणियों की तरह जीवन-यापन करने वाले सभी जीव-जंतुओं का जीवन संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि नील गाय भी गौमाता की श्रेणी में आती है। इसलिए सरकार इस आदेश को त्वरित तत्काल प्रभाव से निरस्त करें। उन्होंने कहा कि अगर सरकार द्वारा यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता है तो बिश्नोई समाज संपूर्ण भारत में विरोध प्रदर्शन कर आंदोलन करेगा।

बड़ी संख्या सामाजिक लोग आगे आए
सरकार द्वारा नीलगाय को मारने के आदेश दिए गए जाने से समाज में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश के बाद इसकी हत्या की आड़ में मांसाहारी लोग, शिकारी वर्ग के रैकेट बड़े स्तर पर जीव-जंतुओं को मारेंगे। ज्ञापन देते समय संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष सूरज मांजू, प्रदेश सचिव लोकेश गोदारा, रामदास लोल, मनोहरी लोल, एडव्होकेट संदीप पंवार, महिराम लोल राजस्थान, कांवरा लोल राजस्थान, मनोज बेनीवाल, लोकेश पंवार, सूरज पंवार, लोकेश भादू, अरुण गोदारा, मनोज गोदारा, राहुल गोदारा, अनिल कालीराना, धर्मवीर लोल, राकेश लोल, सतपाल लोल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक लोग उपस्थित रहे।