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बिजली के पोल पर लगी आग, बॉक्स और केबल जले

- गांवों में बनी रहती है फाल्ट व ट्रिपिंग की समस्या

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बिजली के पोल पर लगी आग, बॉक्स और केबल जले

बिजली के पोल पर लगी आग, बॉक्स और केबल जले

खिरकिया. बिजली मेंटनेंस की कमी नगर के उपभोक्ताओं को खल रही है। गुरुवार दोपहर में नगर में बिजली के पोल में अचानक आग लग गई। जिससे पोल पर लगा केबल एवं बाक्स जल गए। जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक ६ में बस स्टैंड मार्ग पर दोपहर करीब ढाई बजे अचानक बिजली के पोल में आग लग गई। इससे पोल पर लगा बॉक्स पूरी तरह जल गया। पोल पर आग लगती देख राहगीर व रहवासी भयभीत हो गए। काफी देर तक पोल पर आग जलती रही। इस दौरान रहवासियों द्वारा बिजली कंपनी को सूचना दी गई। इसके बाद वार्ड की बिजली सप्लाई बंद की गई। घटना के 2 घंटे बाद शाम साढ़े ४ बजे बिजली सुचारू हुई। नागरिकों का कहना है कि बिजली कंपनी ने ग्रीष्मकालीन मेंटनेंस नहीं किया है। इससे लोड बढऩे पर आए दिन इस प्रकार की स्थिति निर्मित हो रही है।
बिजली के तार झूलते तार ग्रामीणों के लिए हादसे का कारण बने हुए है। धारा प्रवाह करंट के साथ मुख्य लाइन से लेकर ग्रामीणों के घरों में जाने वाले बिजली के तारे कई स्थानों पर रास्तों पर ही झूल रहे है। खेतों में सूखी फसल से कुछ फीट ऊंचाई से गुजरने वाले यह तार आगजनी की घटनाओं को भी अंजाम दे सकते है। बिजली कंपनी द्वारा सप्लाई के लिए डाले गए तार जमीन से ज्यादा ऊंचाई पर नहीं है। जो दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहे है। बिजली कंपनी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में बिजली व्यवस्थाएं सुचारू किए जाने के लिए फीडर सेफरेशन जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही है। बावजूद इसके गांवों मे बिजली सप्लाई व्यवस्था को लेकर अव्यवस्था पसरी हुई हंै। ग्रामों मे जहां वहां बिजली के तारे झूल रहे है। जिन पर बिजली कंपनी का ध्यान नहीं है। विकासखंड के ग्राम पोखरनी, चौकड़ी, पाहनपाट, मुहाल सहित अन्य ग्रामों में इस प्रकार की अव्यवस्थाएं बनी हुई है। इससे ग्रामीण भयभीत है। गर्मी में बिजली के तार और कमजोर हो जाते हैं। कहीं इंसुलेटर दगा दे जाते हैं तो कहीं कमजोर तार। जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी फिक्र ही नहीं हैं।
सूखी फसलों के ऊपर झूल रहे तार-
वर्तमान में किसानों के खेतो में फसलें खड़ी हुई है। सूखी फसल का कटाई कार्य किसानों द्वारा किया जा रहा है। लेकिन फसलों पर झूलते हुए तारों से किसानों को दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। खेतों में आगजनी की अधिकांश घटनाएं बिजली से संबंधित कारणों से ही होती हैं। ऐसी स्थिति में ट्रिपिंग या शार्ट सर्किट होने से किसानों की फसलें जल जाती है। ग्राम चौकड़ी में यह स्थिति देखी जा रही है। चौकड़ी-पाहनपाट मार्ग पर झूलते तारों को देखा जा सकता है। नहर के रास्ते पर झूलते हुए तारों के नीचे आवागमन करने पर राहगीरो को सिर झुकाना पड़ता है। यदि इस पर ध्यान न दिया जाए तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। वर्तमान में हार्वेस्टर आदि से कटाई कार्य चल रहा है। इस दौरान कई परेशानियां आती है। इससे दुर्घटना का अंदेशा भी बना रहता है। बिजली कंपनी को इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए।
विद्यालय और पंचायत के सामने झूल रहा केबल-
स्टेट हाइवे पर स्थित ग्राम पोखरनी में पंचायत भवन एवं माध्यमिक शाला के सामने बिजली के केबल झूल रहे है। ग्रामीणों को रोजाना इन्हीं तारों के नीचे से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में किसी भी दिन तार टूटने से दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों द्वारा पूर्व में भी झूलते तारों को ठीक करने की मांग की जा चुकी है। विद्युत कंपनी की लापरवाही के चलते लाइन में जगह-जगह जोड़ होने की वजह से तार टूट सकते है।