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आज से किसान सूखी नहर में बैठकर करेंगे बेमियादी भूख हड़ताल

पानी के अभाव में २०० किसानों की एक हजार हेक्टेयर में लगी फसल सूखने की कगार पर

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भूख हड़ताल

खिरकिया. टेल क्षेत्र में पानी नहीं पहुंचने से करीब २०० किसानों की एक हजार हेक्टेयर में लगी फसलें सूखने की कगार पर है। किसानों एवं किसान संगठनों द्वारा नहर में पानी के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के कई बार मौखिक एवं आवेदन पत्र देकर निवेदन किया चुका है। लेकिन हर बार किसानों को आश्वासन तो मिला है, लेकिन उनके खेतों तक नहर का पानी नहीं पहुंच सका । अब किसान पानी के लिए गांधीगिरी कर सूखी नहर मेें बैठक आंदोलन करेंगे।
जानकारी के अनुसार रेलवे लाइन पार के टेल क्षेत्र के किसान दूसरी शिफ्ट के पानी का एक माह से इंतजार कर रहे है। शैडयूल के अनुसार दी जाने वाली पानी की तिथियांं भी बीत गई, लेकिन अभी तक नहरे सूखी है। ऐसे मे किसानों की फसलें दम तोड़ रही है। अब किसानों द्वारा अपनी फसलों को बचाने के लिए सूखी नहर में बैठकर भूख हड़ताल की जाएगी। जिसको लेकर पाहनपाट, लोधियाखेडी के किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।
कृषक राहुल देवीसिंह, भगवान सिंह, मुकेश, राजेश, अशोक, राधेश्याम सहित अन्य ने बताया कि 30 दिसंबर से किसान पाहनपाट गरबड़ी के मध्य स्थित सूखी पड़ी नहर में भूख हड़ताल करेंगे। जब नहर में पानी नहीं आ जाता, वे हडताल पर बैठे रहेंगे।
टेल क्षेत्र में शुरूआती दिनों में बोवनी के समय सिर्फ पलेवा करने के लिए एक बार नहर में पानी दिया था। जिसे देखकर सभी ने अपने अपने खेतों में गेहूं एवं चने की फसलों की बोवनी कर दी। जिसके बाद आज तक नहर में पानी नहीं आया है। किसानों ने बताया कि महंगे खाद एवं बीज की व्यवस्था कर फसलें उगाई है, उसे सूखते देख कृषक चिंतित है। बार-बार अधिकारियों को आवेदन देने के पश्चात भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। फसलों के खराब होने से किसानों की भूखे मरने की नौबत बनेगी। ऐसे में फसलों को बचाने के लिए ही भूख हड़ताल की जाएगी ।

पानी मिलेगा तो ही बच सकती है फसल-
किसानों ने बताया कि पलेवा के लिए पानी मिलने से जैसे तैसे बीजों का अंकुरण तो हो गया, लेकिन अब उनके विकास के लिए पानी की आवश्यकता है। सिंचाई के अभाव में फसलें मुरझा रही है। सिंचाई के लिए किसानों ने तैयारी कर ली है, अब पानी का इंतजार है। पानी मिलने से ही फसल बच सकती है। यदि लेतलतीफी के बाद पानी मिलता भी है, तो उपज किसानों के घरों तक नहीं पहुंच सकेगी।
इनका कहना है
किसानों को ज्ञापन प्राप्त हुआ है। कार्रवाई के लिए जल संसाधन विभाग को भेजकर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए है।
विष्णु यादव, एसडीएम, खिरकिया
इधर पानी नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने खंडवा स्टेट हाईवे पर किया चक्काजाम
कांकरियां. जिला प्रशासन एवं नहर विभाग के आश्वासन के बाद भी झांझरी माइनर में पानी नहीं पहुंचा। इससे आक्रोशित क्षेत्र के किसानों ने शुक्रवार को होशंगाबाद- खंडवा स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलने मौके पर पहुंचे नहर विभाग के एसडीओ जेएन सिंह ने आनन फानन में नहर में पानी में छुड़ाया एवं किसानों को लिखित आश्वासन दिया कि झांझरी माइनर के टेल क्षेत्र के किसानों को फसलों में पानी पूरा होने तक पूरी क्षमता के साथ पानी चलाया जाएगा। इसके बाद किसानों ने चक्काजाम खोल दिया। किसानों ने चेतावनी दी है कि लिखित आश्वासन के बाद भी पानी नहीं मिलता है वे भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। किसानों ने बताया कि झांझरी माइनर में हरदा खंडवा स्टेट हाईवे से नीचे पलेवा के बाद फसलों में पहला पानी नहीं पहुंचा है। जिसे 40 दिन से भी अधिक समय हो चुका है। कमताड़ी, बारगी, बारंगा हिवाला, बमनगांव, बोडगांव की हजारों हेक्टेयर की फसल पानी नहीं मिलने से सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है। 27 दिसंबर को किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने हरदा पहुंचकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कलेक्टर अनय द्विवेदी से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था। इस दौरान विभागीय अधिकारी द्वारा 28 दिसंबर तक हरदा खंडवा रोड से नीचे पर्याप्त पानी पहुंचने का आश्वासन दिया था। लेकिन पानी नहीं पहुंचने नाराज किसानों ने शुक्रवार को करीब डेढ़ बजे चक्काजाम कर दिया।