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लग गया होली का डांडा, इनका प्रतीक होता है डांडा

भद्रा समाप्त होने के बाद होलिका दहन किया जाएगा

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हरदा

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Sandeep Nayak

Feb 28, 2018

holi kitne baje jalayi jayegi

holi kitne baje jalayi jayegi

हरदा। होली की तैयारी शुरू हो गई है। बाजार में जहां रंग-पिचकारियों की दुकान सज गई है। वहीं चौक चौराहों पर होली का डंडा भी लगा दिया गया है। गौरतलब है कि होली का डांडा लगाने का मतलब है कि इसी जगह पर होली जलाई जाएगी। इस बार होली १ मार्च को जलाई जाएगी। एक समय था कि जब डांडा १ माह पहले माघ पूर्णिमा पर शुभ मुहूर्त में लगाया जाता था जिसके बाद से होली का आगाज हो जाता है। इसी स्थान पर होली का दहन किया जाता है। यह डांडा भक्त प्रहलाद का प्रतीक होता है। लेकिन समय के साथ इसमें भी बदलाव हुआ है अब यह बमुश्किल २ दिन पहले ही लगाया जाता है। हालांकि कई जगह अब भी यह परंपरा जारी है।

इस दिन भद्रा भी
इस बार 1 मार्च को सुबह 8 बजे से पूर्णिमा तिथि लग रही है। लेकिन पूर्णिमा के साथ भ्रद्रा भी लग रहे हैं। मान्यता है कि भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जाता है। इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद होलिका दहन किया जाएगा। होलिका दहन के लिए पूजा भी दोपहर में 12.08 से 12.54 तक की जा सकती है।

होलिका दहन मुहूर्त
- एक मार्च पूर्णिमा शुरू सुबह 7 बजकर 37 मिनट
- एक मार्च शाम 7 बजकर 30 मिनट पर भद्रा समाप्त
- राहुकाल दोपहर 1.56 मिनट से 3.24 मिनट दिन
- होलिका दहन की पूजा का मुहूर्त दोपहर 12.08 से 12.54
लुभा रही आर्टिफिशियल पिचकारियां
दुकानों पर सामान्य पिचकारियों के साथ ही नए स्वरूप में आर्टिफिशियल पिचकारियां भी ग्राहकों को लुभा रही है। बच्चे खरीदारी के लिए पहुंचने लगे हैं। वहीं किराना बाजार में भी ग्राहक त्योहारी खरीदारी के लिए पहुंचने लगे हैं। होली पर खास तौर पर उपयोग होने वाले रंगबिरंगे शकर के हार की दुकान भी सज गई हैं। 1-2 मार्च की दरमियानी रात होलिका दहन होगा। 2 मार्च को धुलेंडी पर शहर में जमकर रंग-गुलाल बरसेगा। होलिका दहन समितियों द्वारा चौक-चौराहों पर होली का डांडा गाड़ा जा चुका है।