अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस विशेष-जिन्हें हम हिन्दी समझते है, वह अंग्रेजी के शब्द, उनका अनुवाद अंग्रेजी से मुश्किल

दैनिक जीवन में अंग्रेजी शब्दों को मिला हिन्दी का रूप

By: gurudatt rajvaidya

Published: 30 Sep 2020, 08:02 AM IST

राजेश मेहता/खिरकिया. देश में विभिन्न धर्म, जाति और वर्ग के लोगों का मिश्रण ही नहीं, बल्कि भाषाओं की भी विविधता है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक विभिन्न प्रांतों में भाषाओं की बोली बदल जाती है, लेकिन उनके भाव यथावत रहते है। जिन्हें हमें समझने के लिए अनुवाद की आवश्यकता होती है। जब हम दक्षिण भारत में जाते है, तो वहां की भाषा हमारे से भिन्न है, लेकिन कोई अनुवादक हमें हमारी भाषा में उसका अनुवाद करके बताए तो हम उसे समझ लेते है। इससे हमें जीवन में अनुवाद की आवश्यकता और महत्ता समझ आती है। 30 सितंबर को समूचे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस मनाया जाता है। इससे अनुवाद कितना जरूरी है, इसके बारे में भी पता चलता है। भारत में अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग हिन्दी के रूप में किया जाता है। यहां लोग हिन्दी ही समझते है, जबकि वास्तविक हिन्दी लोगों को पता नहीं होती है। अंग्रेजी की अपेक्षा उसका हिन्दी कठिन होती है।
यूं तो भारतीय संविधान में सिर्फ 22 भाषा को मान्यता प्राप्त है, विभिन्न प्रांतों के अलग अलग क्षेत्र में ही भाषा और उनकी बोलियां बदल जाती है। एक आंकड़े के अनुसार ऐसी 121 भाषाएं देश में बोली और समझी जाती हैं। अपने मातृस्थल से कार्यस्थल पर जाने पर कई बार भाषाओं में अंतर आ जाता है। कार्यस्थल पर मातृभाषा नहीं चलती तो हमें अनुवाद की आवश्यकता होती है। हिंदी भाषी क्षेत्र में भी हिन्दी के कई प्रकार बोले जाते हैं। इनमें से एक प्रकार है खड़ी बोली हिन्दी है। आम जन में यह रूप अत्यधिक प्रचलित है। इसमें कई देशी विदेशी शब्दों का समन्वय इस तरह हो जाता है जैसे ये शब्द हिन्दी के लिए ही बने है। आम बोलचाल में इतना इतना व्यापक प्रयोग किया जाता है कि कई बार उनके मूल हिन्दी शब्दों को हम चाह कर भी ढूंढ नहीं पाते या बड़ी कठिनाइ से प्राप्त होते हैं।
अंग्रेजी को ही समझते है हिन्दी, जबकि अनुवाद उसका सोच से परे
आज विश्व अनुवाद दिवस के अवसर पर हम रेलवे में प्रयुक्त होने वाले कुछ प्रचलित शब्दों के हिन्दी अर्थो को देखने का प्रयास करेंगे। सहायक स्टेशन अधीक्षक अश्विन स्वामी ने बताया कि रेलवे में सामान्यत: प्रयुक्त होने वाले अंग्रेजी शब्दों को हम हिन्दी समझते है। जिनमें स्टेशन को जैसे स्थानक और ट्रेन को लौहपथ गामिनी कहा जाता है। इसी प्रकार स्टेशन मास्टर (स्थानक स्वामी/स्थानक विशेषज्ञ), स्टेशन सुपरिटेंडेंट (स्थानक अधीक्षक), पॉइंट्समैन (कांटावाला), टिकट (यात्रा प्राधिकार पत्र), टिकट बुकिंग क्लर्क (यात्रा प्राधिकार पत्र लिपिक), प्लेटफॉर्म (लौहपथगामिनी विश्राम मंच), रेल (लौहपथ), सिग्नल (संकेतक), अपडॉउन (उदयान/निदान), रिजर्वेशन (आरक्षण), स्लीपर कोच (शयनयान), टीटीइ (यात्रा प्राधिकार पत्र चल निरीक्षक), इंजन (लौहपथगामिनी स्वनोदित कर्षण यंत्र) आदि आते है। इसके अलावा आमजीवन में भी कई शब्दों को हम हिन्दी समझते है, जो वास्तव अंग्रेजी के शब्द होते है।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned