
बिना फिटनेस व बीमा के चल रहे स्कूल वाहन, सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगाए
खिरकिया. नगर मेें स्कूल बसों का संचालन नियम विरूद्ध तरीकों से किया जा रहा है जिसको लेकर विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं है। बच्चों से जुड़ा मामला होने पर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि बसों के नियम विरूद्ध संचालन से कई बार हादसे हो चुके हैं। इनसे सबक नहीं लिया जा रहा है। विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी निजी स्कूलों में बस संचालकों द्वारा शासन के नियमों एवं निर्देशों की अवहेलना की जा रही है। स्कूल बस संचालन के लिए कई नियम बनाए गए हैं, लेकिन उसका पालन कराने के लिए पहल नहीं की जा रही है।
अभी भी नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे- दो वर्ष पहले तात्कालीन कलेक्टर ने शिक्षा सत्र शुरू होते ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए। लेकिन अभी तक स्कूल बसों सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए है। सीसीटीवी कैमरे रहने से बस में होने वाली गतिविधियों पर तीसरी नजर बनी रहती है। बावजूद इसके बस संचालकों द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाने मे रूचि नहीं ली जा रही है। प्रशासन ने भी इसके लिए निर्देश तो जारी कर दिए लेकिन उनका पालन कराने की ठोस पहल नहीं की जा रही है। नगर सहित आसपास के गांवों संचालित स्कूलों की किसी भी बस में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे है।
अन्य सुविधाओं का भी अभाव- स्कूली बसों में सीसीटीवी कैमरों के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं की भी कमी है। बसों में फस्र्ट एड बाक्स, अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन खिड़की, व्यवस्थित बैठक सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी अभाव है। अनफिट बसों में छोटे बच्चों को क्षमता से अधिक बैठाकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। वर्तमान में संचालित की जा रही कुछ कंडम बसों में तो बारिश होने पर छत से पानी टपकता है। खिड़किया भी सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। ऐसे में बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
नहीं की जाती सख्त कार्रवाई- नियमों के आगे नगर में संचालित बसों को मापदंड बौना साबित होता है। लेकिन अधिकारियो द्वारा कार्यवाही से परहेज किया जा रहा है। पिछले सत्र में हुए हादसों के बाद नागरिकों एवं बच्चों के पालकों को उम्मीद बनी थी कि परिवहन विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। लेकिन विभाग द्वारा ऐसा कुछ नहीं किया गया। वहीं बिना बीमा, फिटनेस, ड्रायविंग लायसेंस, कैमरा, वर्दी के स्कूल बसों का संचालन करने की शिकायत भाजपा युवा मोर्चा के नगर महामंत्री किशोर राठौर ने कलेक्टर से की है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे में कोई दुर्घटना होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। इसको लेकर पूर्व में भी कई बार शिकायतें की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
Published on:
09 Jul 2018 08:00 am
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