
16 फीसदी ही जमा करा रहे ऑनलाइन डायवर्सन टैक्स
हरदा. सरकार ने डायवर्सन टैक्स वसूली के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा तो शुरू की, लेकिन जानकारी के अभाव में इसका लाभ नहीं उठाया जा रहा। तीन महीने से शुरू नई व्यवस्था के तहत केवल 16 फीसदी लोग ही ऑनलाइन टैक्स जमा करा पा रहे हैं। वहीं चालान से टैक्स जमा करने वालों की संख्या भी खासी कम है। इसके चलते शासन को राजस्व प्राप्ति नहीं हो पा रही है।
व्यवस्थागत बदइंतजामी के चलते डायवर्सन टैक्स की वसूली नहीं पाती थी। इस साल अगस्त तक जिले में 1 करोड़ 13 लाख रुपए बकाया थे। वसूली के लिए अभियान चलाया भी जाता है तो केवल व्यवसायिक क्षेत्र के खातेदारों तक पहुंचकर बड़ी रकम जमा कराई जाती है। अमले की कमी के चलते छोटे भू-खंड मालिकों तक पहुंचा ही नहीं जाता। लोगों को भी यह पता नहीं होता की डायवर्सन टैक्स सालाना जमा होता है। लिहाजा शासन के खजाने में उनका टैक्स ही जमा नहीं हो रहा था। सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए टैक्स जमा करने की ऑनलाइन सुविधा शुरू की। हरदा शहर में करीब 14000 खाताधारक हैं। सितंबर में ७९४२३७ रुपए टैक्स जमा हुआ, लेकिन पूरी रकम चालान से जमा हुई। अगले महीने जरूर ऑनलाइन टैक्स जमा करने के काम में गति आई। अक्टूबर में ४६१६३१ रुपए में से १८४६५२ रुपए ऑनलाइन जमा हुए। वहीं नवंबर में अब तक १३४६६० रुपए में से ५०३८४ रुपए ऑनलाइन जमा हुए। नई व्यवस्था के बारे में लोगों को जानकारी नहीं होने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।
हर साल देना होता है डायवर्सन टैक्स
कृषि भूमि के आवासीय, व्यवसायिक, औद्योगिक या शैक्षणिक उपयोग होने पर भू-राजस्व संहिता १९५९ की धारा १७२ के तहत कृषि भिन्न प्रयोजन होने पर संबंधित रकबे का डायवर्सन (मद परिवर्तन) कराना होता है। इस दौरान सरकार को प्रीमियम (एक बार) देना होता है। हर साल डायवर्सन टैक्स वसूला जाता है।
पहले घर पहुंचकर काटते थे रसीद
डायवर्सन शुल्क वसूलने को लेकर विभाग की पहुंच घर-घर नहीं होने से भी बकाया बढ़ता रहा। सूत्रों के मुताबिक पहले राजस्व निरीक्षक (आरआई) रसीद बुक लेकर किसी भी क्षेत्र में पहुंचकर टैक्स की वसूली करते थे। लंबे समय से ऐसा नहीं हो रहा था। इसके चलते लोगों को यह जानकारी ही नहीं होती कि उन्हें टैक्स कब और कहां जमा कराना है। इसके चलते बकाया राशि बढ़ती जाती है।
इतना देना होता है डायवर्सन टैक्स
: आवासीय
- गाइड लाइन के अनुसार भू-खंड की कीमत का 1 प्रतिशत प्रीमियम व ०.२ प्रतिशत डायवर्सन शुल्क
: व्यवसायिक
- गाइड लाइन के अनुसार भू-खंड की कीमत का 2 प्रतिशत प्रीमियम व ०.४ प्रतिशत डायवर्सन शुल्क
ऐसे भी जमा कर सकते हैं डायवर्सन टैक्स
ऑनलाइन टैक्स जमा न कराने वाले लोग कलेक्ट्रेट की डायवर्सन शाखा से अपने खाते का बकाया पता कर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में पहुंचकर चालान के द्वारा टैक्स जमा कर सकते हैं। चालान फॉर्म पर शासन के मद ००२९ एलआर १०१ (भू-राजस्व एवं अन्य प्राप्तियां) लिखना होता है। चालान की एक प्रति डायवर्सन शाखा में जमा कराना होती है। कानून के जानकारों के अनुसार अपने भू-खंड की किश्तबंदी (बी 1) नकल भी हर साल प्राप्त करना चाहिए।
Published on:
24 Nov 2017 11:36 am
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