19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फर्जी खसरा बनाने वाली पटवारी दीपिका मर्सकोले सस्पेंड

आदिवासियों की पटटे की जमीन रसूखदारों के नाम करने का मामलाहरदा.हंडिया और हरदा तहसील के 8 गांवों में आदिवासियों की पटटे की सरकारी जमीन आर्थिक लेन देन कर रसूखदारों के नाम करने और दो नए फर्जी खसरा तैयार करने के मामले में गुरुवार को एक महिला पटवारी दीपिका मर्सकोले पर निलंबन की गाज गिरी। एसडीएम महेश बमन्हा ने उन्हें सस्पेंड किया। इस मामले में 5 पटवारी पत्रिका में इस कारनामे का खुलासा होने के बाद अगले ही दिन सस्पेंड किए जा चुके हैं।

2 min read
Google source verification

हरदा

image

Mahesh bhawre

Jul 06, 2023

Patrika Logo

पत्रिका लोगो

---जिले के बहुचर्चित जमीन घोटाले की जांच एडीएम प्रवीण फुलपगारे कर रहे हैं। गुरुवार को एडीएम के निर्देश पर एसडीएम महेश बमन्हा ने फर्जी खसरा बनाने वाली पटवारी दीपिका मर्सकोले निलंबित कर दिया। प्रांरभिक जांच में यह उजागर हुआ कि जिस जमीन को लेकर कागजों में हेरफेर हुआ है,असल में उनका अस्तित्व ही नहीं है।

केस-1

हल्का पटवारी दीपिका मर्सकोले ने हंडिया तहसील के कुसिया गांव की जमीन खसरा नंबर 11/2 रकबा 1.121 हेक्टेयर को बीते साल 2021-22 में रकबे को एक ऐसे राजस्व प्रकरण क्रमांक से बढ़ाते हुए खातेदार नानकराम पिता भुजराम की जगह हरिओम पिता लालजी जाति कीर के नाम रकबा 7.121 हेक्टेयर कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार पटवारी ने इसमें अनुचित लाभ ने किसान का नाम बदल दिया।
केस-2
नया खसरा बनाया:
पटवारी दीपिका मर्सकोले ने खसरा नंबर 103/7 जो कभी पहले भी अस्तित्व में नहीं था उो नया बनाते हुए खसरा नम्बर 103/7 रकबा 8.140 हेक्टेयर राजस्व प्रकरण क्र. 0008/31-27/2017-18 से हरिओम पिता लालजी कीर निवासी सुरजना के नाम से कर दिया। इधर कोर्ट में दायर केस के अनुसार यह प्रकरण क्रमांक ग्राम आदमपुर के आवेदक रामदयाल पिता मिश्रया निवासी आदमपुर के नाम से दर्ज है।

20 एकड़ से ज्यादा जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए:

ग्राम कुसिया की पटवारी दीपिका ने जमीन के अस्तित्व में नहीं होने के बाद भी ग्राम सुरजना के एक किसान को करीब 20 एकड़ से ज्यादा के कागजात बनाकर दे दिए। खास बात यह है कि सरकारी रिकार्ड में तो उक्त भूमि है लेकिन वास्तव में उक्त भूमि मौके पर मौजूद ही नहीं है। चर्चा है कि यह भूमि बताकर संबंधित किसान ने किसी बैंक से केसीसी बनाकर लाखों रुपए ले लिए है।
नायब तहसीलदार से कराई जांच:

कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन में हेराफेरी की शिकायत की सबसे पहले नायब तहसीलदार से जांच कराई। जिसमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई। प्रतिवेदन के आधार पर की गई कार्रवाई में एसडीएम ने लिखा कि पटवारी दीपिका मर्सकोले ने यह काम अपने पद का अनुचित लाभ लेने, शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार किए।निलंबन अवधि के दौरान दीपिका मस्कोले पटवारी बागरूल तहसील हंडिया का मुख्यालय जिला निर्वाचन अधिकारी (सामान्य) कलेक्टर कार्यालय हरदा रहेगा।