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दस सालों से फाइलों में दबी ट्रांसपोर्ट नगर योजना

शहर के बीच में निजी मैदान पर लोडिंग-अनलोडिंग का काम हो रहा है, अन्य बड़े वाहनों को खड़ा करने की जगह नहीं

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हरदा

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Sanjeev Dubey

Feb 04, 2018

Plan of transport town

Plan of transport town

हरदा. नगर पालिका ने करीब दस साल पहले इंदौर, भोपाल की तर्ज पर शहर में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए बाकायदा बैठक कर खंडवा रोड पर जमीन को चिन्हित भी किया गया था, किंतु बाद में इस दिशा में ध्यान हीं दिया गया। इसके चलते ट्रांसपोर्ट नगर योजना सालों से फाइलों में दबकर रह गई। ऐसी स्थिति में बाहर से आने वाले और स्थायी छोटे-बड़े वाहनों को सड़क पर खड़ा किया जा रहा है, जिससे आवागमन में दिक्कतें होती हैं। लंबे समय से ट्रक मालिक नगर पालिका और प्रशासन से ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की मांग कर रहे हैं। नपा की इस अनदेखी के चलते वाहन मालिकों को जिला सहकारी बैंक के सामने स्थित प्राइवेट जमीन पर लोडिंग-अनलोडिंग का काम करना पड़ रहा है, जहां उन्हें काफी दिक्कतें होती हैं। हरदा शहर में लगभग १२० तथा टिमरनी, खिरकिया व अन्य जगहों में करीब १६० ट्रक हैं।

सड़क पर खड़े होते हैं वाहन
नगर पालिका द्वारा शहर में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित नहीं किए जाने से लोगों को अपने वाहन सड़क पर खड़ा करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा बाहर से माल लेकर आने वाले वाहनों को सड़क पर खड़ा रखकर दुकानों में माल रखवाया जाता है। ट्रकों के सड़क पर खड़े रहने से अन्य वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतें होती हैं, वहीं हादसे की आशंका बनी रहती है। रोजाना शहर में इंदौर, भोपाल, खंडवा, होशंगाबाद, बैतूल सहित अन्य शहरों से माल लेकर वाहन आते हैं, जिन्हें वापस लौटना होता है।ये लोग जिला न्यायालय के सामने स्थित एबीएम मैदान पर ट्रक, मिनी ट्रकों व अन्य लोडिंग वाहनों को खड़ा करके प्रतिदिन अपना माल खाली करते हैं, जिससे हरदौल बाबा से लेकर जिला सहकारी बैंक तक यातायात प्रभावित होता है।
ठंडे बस्ते में डाल दी फाइल
नपा ने शहर के खंडवा रोडपर ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की योजना प्रस्तावित की थी। इसके लिए उप बस स्टैंड के पीछे की जमीन को चिन्हित भी किया गया था। शहर के वाहन मालिकों व प्रशासन के साथ बैठक आयोजित कर ट्रांसपोर्ट नगर को मूर्तरूप देने पर सहमति बनाईथी। योजना को लेकर काफी दिनों तक गहमा-गहमी बनी रही थी। किंतु बाद में नपा का नया कार्यकाल शुरूहोने के बाद इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। तब से नगर पालिका द्वारा अब इस दिशा में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
एक ही जगह पर मिलेंगी सुविधाएं
शहर के मुख्य मार्गों एवं गलियों में ट्रांसपोर्टस संचालित हो रहे हैं। इनके माध्यम से आने वाले वाहन सड़कों पर ही खड़े होते हैं। वहीं वाहनों का सुधार का कार्यभी मुख्य बस स्टैंड, कुलहरदा स्कूल के सामने, पेट्रोल पंप के करीब सहित अन्य जगहों पर किया जाता है। सड़कों के किनारे एक साथ वाहनों का सुधार कार्यचलने से वे घंटों खड़े रहते हैं, जिससे अन्य वाहनों को आने-जाने में दिक्कतें होती हैं। यदि ट्रांसपोर्ट नगर बनता हैतो वाहन मालिकों को भी इस समस्या से निजात मिलेगी। उक्त जगह पर ही ट्रांसपोर्टस के अलावा ट्रक, बस, कार, बाइक के मैकेनिक, बॉडी मेकर, ऑटो पार्टस की दुकानें, ड्राइवरों, कंडक्टरों व दुकान संचालकों के लिए केंटीन, होटलें एवं शौचालय सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
इनका कहना है
शहर में ट्रांसपोर्ट नगर की बेहद आवश्यकता है। इसके न होने से मालिकों को अपने वाहनों को सड़कों पर खड़ा करना पड़ता है। हरदा में १२० और जिले में करीब १६० ट्रक हैं, जिनसे तीनों ब्लाकों में परिवहन होता है। ट्रांसपोर्ट नगर बनने से शहर को भी जाम से मुक्ति मिलेगी।एक ही जगह पर वाहनों का सुधार कार्य, लोडिंग-अनलोडिंग और सभी सुविधाएं मिलेंगी।
अहद खान, अध्यक्ष ट्रक ऑनर्सएसोसिएशन, हरदा
शहर में लोडिंग वाहनों की संख्या को देखते हुए ट्रांसपोर्ट नगर बनना चाहिए। पूर्वमें इसको बनाने की योजना के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। किंतु कुछ दिनों बाद कलेक्ट्रेट में यातायात विभाग की बैठक होने वाली है, उसमें ट्रांसपोर्ट नगर बनाने को लेकर चर्चाकी जाएगी।
दिनेश मिश्रा, सीएमओ, नगर पालिका, हरदा