
Rahatgaon will become the fourth city council of the district and the third of Timarni assembly.
दो विधानसभा वाले हरदा जिले में अब एक नगर पालिका है। टिमरनी, खिरकिया, सिराली में पहले से नगर परिषद हैं। रहटगांव नई नगर परिषद बनने के बाद इनकी संख्या 4 हो गई है। हरदा नपा अंग्रेजों के जमाने में 17 मई 1867 में बनी है। खिरकिया, टिमरनी जिला गठन से पहले से नगर परिषद है। सिराली जिला गठन के बाद परिषद बनी, जिसमें बीते साल पहली बार परिषद गठन के लिए चुनाव हुए हैं। खास बात यह है कि अभी तक तीनों ही नगर परिषदों में 15-15 वार्ड हैं। हरदा नपा में 35 वार्ड हैं।
ये पंचायतें बनीं नई परिषद का हिस्सा
अभी तक तहसील मुख्यालय व ग्राम पंचायत रहे रहटगांव को नगर परिषद का दर्जा दिलाने में 6 अन्य पंचायतों को इसमें शामिल किया गया। इनमें रहटगांव पंचायत का रहटगांव, नजरपुरा उर्फ मोहनपुर, फलड़ी, आमसागर, कासरनी, दूधकच्छ कलां, छीरपुरा शामिल हैं। इन 7 पंचायतों के 14 गांव अब नगरीय क्षेत्र का हिस्सा होंगे। जिनका क्षेत्रफल 6539.794 हेक्टेयर है। टिमरनी विकासखंड में 73 पंचायतें थीं, अब इनमें से 7 कम होने के बाद 64 बचेंगी।
यह होगा फायदा
नगरीय निकाय अपने विकास व आय बढ़ाने के लिए संपत्ति कर और नए विकल्प तैयार कर सकेंगे। पंचायतों की तुलना में नगर निकाय को सालाना मिलने वाली चुंगी और अन्य बजट की राशि ज्यादा मिलेगी। नई परिषद होने से विभिन्न मदों व जनप्रतिनिधियों से निर्माण व विकास के लिए ज्यादा राशि की संभावना बढ़ेगी।विभिन्न सेवा और टैक्स से आय बढ़ेगी।
जनता को यह सुविधा मिलेगी
नप नए कर्मचारी रखेगी। वार्डों में नियमित रूप से सफाई होगी। हर घर से कचरा उठवाया जाएगा। कचरे का सही तरीके से निपटान होगा। लोगों को पीने का साफ पानी मिल सकेगा। सडक़ें सुधरेंगी।स्वच्छता को लेकर नगरीय निकायों के बीच होने वाली प्रतिस्पर्धा के चलते सफाई व्यवस्था ज्यादा बेहतर होगी। इससे लोगों की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ेगा।स्ट्रीट लाइट की मरम्मत,समग्र आईडी में सुधार जैसी समस्याएं अधिकारियों कर्मचारियों के वहीं मौजूद रहने से जल्दी हल होंगी।
नई परिषद बनने के राजनीतिक मायने
टिमरनी विधानसभा में टिमरनी व सिराली पहले से नगर परिषद थी। इसी विस के रहटगांव सहित कुल 7 पंचायतों को मिलाकर एक और नई नगर परिषद चुनाव से पहले बनने से विधायक संजय शाह का कद बढ़ा है। इस छोटी विस में अब 3 नगर परिषद हो गई हैं। रहटगांव में 19 अप्रेल को हुए लाड़ली बहना सम्मेलन में भी सीएम शिवराजसिंह चौहान ने रहटगांव को नगर परिषद का दर्जा देने व यहां कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, हालांकि वे पहले भी यह घोषणा कर चुके थे। हरदा विस में एक नपा व खिरकिया नगर परिषद है। हंडिया प्रस्तावित है।
इधर, हंडिया का प्रस्ताव अब तक लंबित
हरदा विधानसभा की हंडिया पंचायत को नगर परिषद बनाने का प्रस्ताव तत्कालीन कलेक्टर संजय गुप्ता के कार्यकाल में मंत्री कमल पटेल द्वारा राज्य सरकार को करीब पौने तीन साल पहले भेजा था, जिस पर आगे बात नहीं बढ़ सकी। नर्मदा का नाभिस्थल, नेशनल हाइवे, आसपास में पर्यटन व एतिहासिक महत्व की पुरानी धरोहरों और यहां गुरु गोविंदसिंह के पुण्य आगमन के कारण क्षेत्र की अलग खासियत है। लेकिन दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी के कारण हंडिया को नगर परिषद का दर्जा नहीं मिल सका।
इनका कहना है
पंचायती राज अधिनियम और गांधीजी के ग्राम स्वराज के सपने को पंचायतों के माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है। एक सोची समझी साजिश के तहत भाजपा चुनावी साल में अपने राजनीतिक लाभ के लिए ग्राम पंचायतों को खत्म करती जा रही है। जिन पंचायतों को खत्म कर नगर परिषदें बनाई गई है वहां आज भी हालात पहले जैसे ही हैं। हरदा में 5 गांव व 3 पंचायतों को विलय कर नए वार्ड बनाए गए हैं,लेकिन 6 साल बाद भी कोई विकास काम नहीं हुए।
-मोहन विश्नोई,संभाग अध्यक्ष राजीव गांधी पंचायती राज संगठन
इनका कहना है
रहटगांव को नगर परिषद बनाने के लिए सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित की है। इसके लिए 7 दिन में दावे आपत्ति बुलाए हैं। इनके निराकरण के बाद इसके गठन की आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
-ऋषि गर्ग,कलेक्टर हरदा
Published on:
10 Sept 2023 05:30 pm
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