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राजपूत महिलाएं मर्यादा और सीमाओं में रहकर करती रही हैं बलिदान

राजपूत छात्रावास में आयोजित मातृशक्ति संगम कार्यक्रम में महिलाओं ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

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राजपूत महिलाएं मर्यादा और सीमाओं में रहकर करती रही हैं बलिदान

राजपूत महिलाएं मर्यादा और सीमाओं में रहकर करती रही हैं बलिदान

हरदा. हमारी धमनियों में वही शौर्य राजपूती खून दौड़ रहा है। हम देश रक्षा में अपना बलिदान देते रहे हैं और आगे भी बेटियों को अपने देश की रक्षा के लिए आगे आना होगा। राजपूत महिलाएं अपनी मर्यादा और सीमाओं में रहकर बड़े से बड़ा बलिदान करती रही हैं। आज आवश्यकता है कि हम अपनी मर्यादाओं को समझें और आधुनिक शिक्षा के साथ आगे बढं़े। यह बात मध्यभारत प्रांत दुर्गा वाहिनी सह संयोजिका भावना गौड़ ने रविवार को राजपूत छात्रावास में आयोजित मातृशक्ति संगम कार्यक्रम में कही।


उन्होंने क्षत्राणियों की गौरवशाली परंपरा को बताते हुए महिलाओं से कहा कि वह अपनी बेटियों को उचित शिक्षा और संस्कार देने के लिए कहा। मीडिया प्रभारी जयंती चौहान ने बताया कि कार्यक्रम में इंदौर, भोपाल, भिंड, नर्मदापुरम, खंडवा आदि जिलों से सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुलोचना मौर्य ने संगठन की शक्ति, बेटियों की शिक्षा एवं महिला जागृति की बात रखी। जिलाध्यक्ष रानू पटेल ने संगठित होकर आगे बढऩे की बात कही। महिला विकास समिति की अध्यक्ष सुषमा पंवार ने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का संकल्प दिलाया। उपाध्यक्ष आंजना सूरमा, सचिव कल्पना राजपूत, बबीता मौर्य ने अतिथियों का स्वागत किया। राजपूत परिषद के जिलाध्यक्ष शिवनारायण सिंह साध, तहसील अध्यक्ष वीरसिंह राठौड़, संरक्षक राधेश्याम गहलोत, हिमांशु मौर्य आदि ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

विभिन्न जिलों एवं गांव से आईं महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी
जिसमें जय अंबे कृपा करें मराठी नृत्य, राजस्थानी नृत्य घूमर की प्रस्तुति ने सभी में उमंग और उत्साह भर दिया। निमाड़ी से प्ले सभी को गुदगुदाया। फैंसी ड्रेस से महिला सशक्तिकरण को धावन नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। अनेक एकल एवं युगल नृत्य की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक नृत्य कर अपने उमंग और उत्साह का परिचय दिया। इस दौरान सिंधु गहलोत, सुधा गहलोत, शांति सूरमा, संध्या सोलंकी, रमा राजपूत, सरोज राजपूत, कृपा तोमर, क्षमा तोमर, रजनी गहलोत, शशि तोमर, नीलू ठाकुर, नीतू ठाकर, नम्रता ठाकुर, रागिनी गहलोत, पुष्पा गहलोत, अंजलि पंवार, मधु पंवार, राजंती राजपूत, ममता चंदेल, किरण चंदेल, नीलिमा सावनेर, पंकजा तोमर, आरती देवड़ा, रमा सोलंकी, सरोज राजपूत आदि मौजूद थीं।