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सबसे अच्छा दूध मिलता है यहां, दाम भी बेहद कम

अच्छा दूध मिलता है यहां

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sabse achcha doodh kaha milta hai

sabse achcha doodh kaha milta hai

मसनगांव -
क्षेत्र के दूध उत्पादकों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें पानी से भी कम भाव पर दूध बेेचने की मजबूरी से मुक्ति मिल गई है। दूध संग्रहण केंद्र- पीएमसी सेंटर पर दूध बेचनेवाले ग्रामीणों को अब दो रुपए प्रति लीटर बोनस दिया जाने लगा है। इतना ही नहीं, यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी हाल में दूध के दाम 22 रुपए प्रति लीटर से कम नहीं होंगे। इस संबंध में पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद यह कदम उठाया गया है।


पीएमसी सेंटर पर दूध लानेवाले किसानों को अब प्रति लीटर दो रुपए बोनस देने की शुरुआत कर दी है। पीएमसी सेंटर संचालक ज्ञानेश भायरे ने बताया कि किसी भी प्रकार का दूध 22 रुपए लीटर से कम दाम पर नहीं खरीदा जाएगा। वहीं जितना फैट बैठेगा उतना अधिक भाव दूध उत्पादन करने वाले किसानों को मिलेगा। दूध उत्पादकों को हो रहे नुकसान को देखते हुए पीएमसी संचालकों ने यह निर्णय लिया है। ग्राम में 3 पीएमसी सेंटर चल रहे हैं तथा 1 डेयरी संचालित की जा रही है। यहां आसपास के ग्रामों से दूध का विक्रय करने आते हैं जिनसे दूध खरीद कर बाहर डेरियों में भेजा जाता है। ग्रामीणों से गाय एवं भैंस का दूध अलग अलग दामों में खरीदा जाता है।

पानी से भी कम भाव पर बिक रहा था दूध
यहां गाय का दूध पानी से भी कम भाव पर बिक रहा था। गाय के दूध के दामों की शुरुआत 18 रुपए प्रति लीटर की दर से हो रही थी जबकि ब्रांडेड पानी की एक लीटर की ही बोतल कम से कम बीस रुपए में आती है। हालांकि अब स्थिति बदल गई है। 2 रुपए प्रति लीटर बोनस दिए जाने की घोषणा के साथ ही दूध की कीमत किसी भी हाल में 22 रुपए प्रति लीटर से कम नहीं होगी। वहीं भैंस के दूध के दाम भी बढ़ाए गए हैं। भैंस का दूध 30 रुपए से लेकर 60 रुपए प्रति लीटर तक की कीमत में खरीदा जाएगा।

संचालकों द्वारा दूध की कीमत बढ़ाने से दूध उत्पादकों को बड़ी राहत मिली है। गर्मी का मौसम होने से इन दिनों पशुओं में दूध देने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में दूध उत्पादन में गिरावट आई है। वहीं खली एवं अन्य पशु आहारों की कीमत में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इससे दूध उत्पादकों और पशुपालकों को नुकसान हो रहा था। दूध के दाम बढऩे से दूध उत्पादन करने वाले किसानों और ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सकेगा। गौरतलब है कि क्षेत्र में कई निजी कंपनियों के लिए दूध संग्रहीत किया जाता है। जिलेभर में हजारों किसान और ग्रामीण इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। दूध की गुणवत्ता अच्छी रहने के कारण कंपनियों यहां से दूध खरीदती हैँं।

दूध के कम दामों को लेकर पत्रिका में प्रकाशित हुई खबर
दूध के कम दामों को लेकर पत्रिका में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। 24 अपै्रल को प्रकाशित - एक लीटर पानी 20 का, दूध बिक रहा 18 रुपए लीटर में- शीर्षक खबर में दूध उत्पादकों की व्यथा दर्शाई गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद को दूध उत्पादकों के नुकसान को देखते हुए संचालको ने यह निर्णय लिया गया है। इस फैसले से मसनगांव, पलासनेर, कांकरिया, गांगला, डोमनमउऊ, सालाबेड़ी, केलनपुर के दूध उत्पादकों को फायदा मिलेगा।