
market
खिरकिया. नगर में प्रति मंगलवार लगने वाले साप्ताहिक बाजार में अव्यवस्थाएं पसरी हुई है। विकास शुल्क के नाम पर बाजार में दुकान लगाने वाले व्यापारियों से राशि वसूल की जाती है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रही है। जबकि बाजार के विकास के लिए भूमि संबंधी अड़चने भी दूर गई है। जानकारी के अनुसार तहसील स्तरीय साप्ताहिक हाट बाजार में बारिश का पानी जमा हो गया है। दुकानदार एवं ग्राहक दोनों ही अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हंै। नगर परिषद के अधीन इस हाट बाजार में सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही है। नगर परिषद द्वारा पूर्व में राजस्व विभाग की भूमि होने के चलते व्यवस्था या निर्माण नहीं किए जाने की बात कही जाती थी, लेकिन राजस्व विभाग द्वारा बाजार के लिए भूमि का हस्तांतरण करने के बाद भी बाजार के विकास को लेकर कोई कवायद होती नहीं दिख रही है। मंगलवार साप्ताहिक हाट बाजार में लगभग 200 से अधिक दुकानें लगती है, जिसमें सैकड़ों ग्राहक खरीददारी के लिए पहुंचते है।
आवागमन हुआ बाधित :
बाजार में बारिश के कारण अस्थाई दुकानों के सामने मार्ग पर पानी भरा हुआ है। कीचड़ से आवागमन बाधित हो गया है। तहसील कार्यालय के पास मंगलवार बाजार तहसील कार्यालय एवं कुड़ावा मार्ग के बीच खाली स्थान पर लगाया जाता है। बाजार में दुकाने जमीन पर ही लगानी पड़ती है। न कोई टीन शेड और न ही ओटलों की व्यवस्था है। ऐसे में बारिश के दौरान जगह जगह जलभराव हो गया है। मुरमीकरण तक नहीं किया गया है।
एक वर्ष पहले हो चुका हस्तांतरण :
बाजार के लिए राजस्व विभाग द्वारा नगर परिषद को भूमि का हस्तांतरण जून माह में किया जा चुका है। करीब एक वर्ष बाद भी बाजार की स्थिति जस की तस है। राजस्व विभाग से नपं द्वारा पुलिस चौकी के सामने एवं गौमुख मार्ग के बाजू से खाली पड़ी भूमि में हाट बजार के लिए भूमि हस्तांतरित किए जाने की मांग की गई थी। जिस पर राजस्व विभाग द्वारा खसरा क्रमांक 191/1 रकबा 4.047 हेक्टेयर भूमि छोटाघास मद मे दर्ज भूमि को नगर परिषद को दी गई है। वर्तमान में इस खसरा क्रमांक 0.82 तथा 0.29 एकड़ भूमि शेष है, जो दो भागों में विभक्त है। इस भूमि पर प्रति मंगलवार हाट बाजार लगता है, जिसमें से 0.82 एकड़ भूमि हाट बजार के लिए नगर परिषद खिरकिया को नि:शुल्क आवंटित की जा चुकी है।
नगर पंचायत भी भी ले चुकी है प्रस्ताव :
नगर पंचायत की बैठकों में बाजार निर्माण के लिए कई बार प्रस्ताव लिए जा चुके हंै। बावजूद इसके बाजार का विकास तो दूर कुछ भी सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। नगर पंचायत द्वारा दुकानदारों से दुकाने लगाने के बदले में राशि भी वसूली जाती है, लेकिन बाजार का विकास नहीं कराया जाता है। विकासखंड का प्रमुख बाजार है। आसपास के ग्रामवासी बड़ी संख्या में साप्ताहिक खरीददारी के लिए पहुंचते हैं। लाखों रुपए का व्यवसाय इस बाजार से किया जाता है, लेकिन सुविधाओं और व्यवस्थाओं में अभाव में बाजार अपनी पहचान खोता जा रहा है।
इनका कहना है...
राजस्व विभाग से भूमि हस्तांतरित होने के बाद प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में कुछ स्थानों पर मुरम डाली गई है।
-एआर सांवरे, सीएमओ, नगर पंचायत
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
