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हाईस्कूल बालागांव का हायर सेकंडरी स्कूल में उन्नयन

एक दर्जन गांव के बच्चों को मिलेगा लाभ

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हरदा

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Pradeep Sahu

May 12, 2018

Locks found in schools Kids not getting mid-day meal

Locks found in schools Kids not getting mid-day meal

बालागांव. आखिरकार गांव के विद्यार्थियों एवं पत्रिका की मुहिम रंग ले ही आई। संकुल केंद्र हाई स्कूल बालागांव का हायर सेकंडरी स्कूल में उन्नयन हो चुका है। अब गांव के बच्चों को न तो १०वीं के बाद पढ़ाई छोडऩे को मजबूर होना पड़ेगा और न ही महंगी फीस जमा कर गांव के निजी स्कूलों में दाखिला लेना पड़ेगा। कई वर्षों से बच्चों एवं पालकों द्वारा बालागांव हाईस्कूल को हायर सेकंडरी में उन्नयन करने की मांग की जा रही थी। बच्चों एवं उनके पालकों ने आंदोलन, स्कूल का बहिष्कार सहित अन्य कई प्रकार के प्रयास किए। बच्चों की पढ़ाई से संबंधित मामला होने से पत्रिका द्वारा लगातार समाचार प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया जाता रहा। मालूम हो कि इस वर्ष शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही स्कूली बच्चों ने विभाग को आवेदन देकर स्कूल का बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद विभाग की सदबुद्धि कर लिए हाईस्कूल प्रांगण में यज्ञ करके आहूति छोड़ी। गुरुवार को स्थानीय डॉ. रामकिशोर दोगने ने बच्चों एवं उनके पालकंों को मोबाइल पर सूचना देकर हाईस्कूल के हायर सेकंडरी में उन्नयन होने की बात कही।
इन गांव के बच्चों को मिलेगा लाभ- शासकीय हाईस्कूल को हायर सेकंडरी स्कूल का दर्जा मिलने से कई गांव के बच्चें लाभान्वित होंगे एवं उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। जानकारी के मुताबिक बालागांव, बूंदड़ा, जिजगांव खुर्द, छिदगांव तमोली, पानतलाई, कनारदा, झुंडगांव सहित अन्य गांवों के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
क्यों थी हायर सेकेंडरी की आवश्यकता- संकुल केंद्र बालागांव के अंतर्गत 43 स्कूल संचालित होते हंै। जिसमें मात्र एक हायर सेकंडरी स्कूल मगरधा में है जो कि बालागांव से 13 किमी की दूरी पर है जिससे बच्चे इतनी दूर पढ़ाई करने जाने में असमर्थ थे। जिला मुख्यालय भी 13 किमी दूर होने से बच्चें वहां पर भी नहीं पहुंच पाते थे। जिससे या तो उन्हें पढ़ाई छोडऩा पड़ता था या निजी स्कूलों में दाखिला लेना पड़ता था। जिससे पालकों को आर्थिक स्थिति आढ़े आती थी। इसके कारण संकुल केंद्र पर हायर सेकंडरी स्कूल होना आवश्यक था। स्कूली बच्चों एवं पालकों ने इसे पत्रिका एवं विधायक के प्रयासों से सफलता मिलना बताया।