हरदोई. यूपी के हरदोई शहर और हरदोई देहात ग्राम पंचायत की सीमा के बीच में स्थित पुरातन बुढ़वा ताल बरसों से बदहाल है। बुढ़वा तालाब का महत्व तो है ही, साथ ही यह करीब 20 हज़ार की आबादी के बीच जल संचयन का सबसे बड़ा वाहक भी है। लेकिन कूड़ा-करकट और कचरे के ढेर में समा रहे इस पुरातन और आस्था के प्रतीक बुढ़वा ताल के आस्तित्व को बचाने के लिए अभी तक कोई कारगर पहल नहीं हुई है। लिहाजा ताल के चारों तरफ बस चुकी घनी गहरी आबादी का आने वाला कूड़ा करकट कचरा इस स्थान में समा रहा है। लगभग 10 बीघा क्षेत्रफल में फैले इस तालाब को सजाने-संवारने और जल संचयन का वाहक बनाने की सार्थक पहल होने पर यह हरदोई सिटी और हरदोई देहात ग्राम पंचायत एरिया का अच्छा रमणीक स्थल बन सकता है।
कहने को तो इस बुढ़वा ताल पर कब्जेदारी को लेकर तमाम लोग अपना अपना हक जताते रहे हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस मसले पर नगर पालिका प्रशासन देहात क्षेत्र बताकर अपने हाथ खड़े कर देता है और हरदोई देहात ग्राम पंचायत इसको शहरी क्षेत्र बता कर अपने हाथ खड़े कर देता है । आजादी के बाद से इस स्थान को सजाने संवारने के लिए कोई पहल नहीं हुई जिसके चलते चारों तरफ से ताल अतिक्रमण कब्जा और कूड़ा करकट का अड्डा बन कर रह गया है। ताल में भरा पानी और 50 फीट गहरा होने के अंदाजे के बीच स्थानीय लोग इस को सजाने सवरने की उम्मीदें अभी भी लगाए हुए हैं। खास बात यह है कि इस एरिया के तमाम लोगों का वोट नगरपालिका के चुनाव में पड़ता है तो तमाम लोगों का वोट हरदोई ग्राम पंचायत में पड़ता है दो एरिया के बीच फंसे इस मसले पर पत्रिका ने पड़ताल की और स्थानीय लोगों से बात कर इस मसले को उठाने का निर्णय लिया जिसके तहत यह बात सामने आ चुकी है कि बुढ़वा तालाब को जल संचयन का वाहक बनाने के साथ ही रमणीक स्थल करने के लिए जिला प्रशासन के भागीरथी प्रयासों की जरूरत है
जिला प्रशासन को यह तय करना होगा पुरातन काल को संवारने के लिए नगर पालिका को काम करना है कि ग्राम पंचायत को काम करना है और किस तरह से इस तालाब वैध कब्जेदारी से बचाता एक रमणीक स्थल में विकसित कर देना है। इससे वहां पर जल संचयन का बड़ा स्थान तो बना ही रहे साथी आसपास के लोगों के लिए यह स्थान पुरातन धरोहर के रूप में संचित बना रहे। लोगों का कहना है कि इस तालाब के आसपास चारों तरफ सड़क बनाने के साथ ही 4-5 फीट की ऊंचाई की चहारदीवारी बन सकता है। लोग कहते है कि तालाब को बचाने की बड़ी पहल करनी चाहिए ताकि उन सामान्य को भी उसका लाभ मिल सके ।