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हड़ताल का व्यापक असर, कामकाज ठप कर कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

हड़ताल का व्यापक असर, कामकाज ठप कर कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

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हरदोई

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Ruchi Sharma

Jan 08, 2019

hardoi

हड़ताल का व्यापक असर, कामकाज ठप कर कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

हरदोई. केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रमिक नीतियों के खिलाफ़ लामबंद श्रमिक संगठनों के 48 घंटे की देशव्यापी हड़ताल का बैंक, बीमा, सामान्य बीमा सहित दूरसंचार, डाक आदि कई क्षेत्रों में असर दिखा। हड़ताली कर्मचारियों ने जगह जगह विरोध प्रदर्शन किये। भारतीय स्टेट बैंक में रोजाना चेकों की होने वाली क्लीयरिंग अधिकांश बैंकों की अनुपस्थिति के चलते स्थगित हो गयी। जिसमें करोड़ों के चेक फंस गए।

देश के 10 केंद्रीय श्रम संगठनों और 14 स्वत्रन्त्र अखिल भारतीय फेडरेशनों ने 8 व 9 जनवरी को दो दिन की हड़ताल का आह्वाहन किया है। इस हड़ताल में बैंकिंग, बीमा तथा वित्तीय क्षेत्र के अलावा डाक सेवा, दूरसंचार, रक्षा उत्पादन, तेल, कोयला, स्टील, पावर, विद्युत, सड़क परिवहन, पोर्ट डाक, टीचर्स, सेंट्रल स्टेट गवर्नमेंट इम्प्लाइज, पीएसयू, प्राइवेट फैक्ट्रीज, कृषि श्रमिक, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता, असंगठित क्षेत्र के कामगार शामिल किये गए हैं।
हड़ताल का आह्वाहन करने वाले श्रम संगठनों की मांग रही है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय करें। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कमजोर न करें। कमोडिटी बाजार में सट्टा बाजार का प्रतिबंध लगाए। हमारे युवाओं के लिए अधिक रोजगार सृजित करने तथा सभी उद्योगों और क्षेत्रों में चरणबद्ध भर्तियों के माध्यम से बेरोजगारी को कम करने के प्रभावी उपाय करें। श्रम कानूनों को सख्त बाध्यता, श्रम कानूनों के उल्लंघन के लिए नियोक्ताओं पर कठोर कार्यवाही। सभी श्रमिकों एवम कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवर। न्यूनतम वेतन ₹18000 से कम नहीं।सभी श्रमिकों एवम कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित पेंशन, एनपीएस से सुनिश्चित पेंशन के लिए अंतरण।समान कार्य के लिये नियमित श्रमिकों की भांति ठेका कामगारों के लिए समान वेतन और लाभ।केंद्र और राज्य की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों उपक्रमों में विनिवेश पर रोक। बोनस और भविष्य निधि के भुगतान और पात्रता पर से सभी सीमाओं को हटाये। 45 दिनों की अवधि के भीतर श्रम संगठनों का अनिवार्य पंजीकरण तथा आईएलओ कन्वेंशन की संख्या 87 और 98 का तत्काल अनुसमर्थन। श्रम कानूनों के लिए प्रस्तावित प्रतिकूल संशोधनों को रोकें। रक्षा, बीमा, रेलवे तथा अन्य मुख्य क्षेत्रों में अंधाधुंध विदेशी निवेश बंद करें।

यूनाइटेड फोरम ऑफ आर आर बी यूनियंस के भी इस हड़ताल में शामिल होने से जिले की ग्रामीण बैंक की शाखाओं में भी कामकाज ठप्प रहा। ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी पेंशन को लेकर सुप्रीमकोर्ट के फैसले का अनुपालन किये जाने की माँग कर रहे हैं। ग्रामीण बैंक कर्मियों में प्रमुख रूप से अनुपम मिश्रा, अंशु द्विवेदी,एस के गुप्ता, मुदस्सर हुसैन, दिलीप कुमार, उमेश कुमार, विश्वजीत सिंह, अभय पाठक, अविनाश विद्धार्थी, हिमांशु दुबे, सुरेंद्र पाल, पीके सिंह आदि मौजूद रहे।