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योगी सरकार में जगी उम्मीद, जिले के दूध को मिलेगी विकास की धार

योगी सरकार में जगी उम्मीद, जिले के दूध को मिलेगी विकास की धार

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हरदोई

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Ruchi Sharma

Jan 09, 2018

harodi

milk

नवनीत द्विवेदी

हरदोई. प्रदेश की योगी सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए प्रदेश में वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट योजना का खाका बनाया है। जिसमें हरदोई जिले के लिए दुग्ध उत्पाद को लिया है। जाहिर सी बात है कि दुग्ध उत्पादन और दुग्ध उत्पाद सीधे तौर पर खेती किसानी से जुड़े है। करीब 43 लाख से अधिक आबादी वाले हरदोई जिल की 90 प्रतिशत आबादी कृषि और कृषि से जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है। पेश है दूध उत्पादन के बड़े हब के रूप में उभर रहे हरदोई की रिपोर्ट...

कृषि विविधिता कार्यक्रमों के तहत किसानों की आमदनी को दोगुना करने की दिशा में पिछले कई वर्षों से काम कर रही सरकारों ने सबसे ज्यादा ध्यान परंपरागत फसलों में गेहूं, धान, गन्ना के अलावा बागवानी, फूलों की खेती, दुधारू पशुओं के पालन पर दिया है। जिसके चलते किसान कृषि विविधीकरण के प्रति आकर्षित हुए और नतीजन सबसे ज्यादा तरक्की दुधारू पशुओं के पालन को लेकर हुई है।

हरदोई के दूध उत्पादन हब को चाहिए बड़ा डेयरी प्लांट

1308 ग्राम पंचायतों वाले हरदोई जिले में 19 विकास खंड और 5 तहसीले है । जिले की आबादी करीब 43 लाख है जिसमें करीब 8 लाख किसान परिवार है। जिले के किसान मुख्य रूप से गेहूं, धान और गन्ने की खेती करते है मगर बाजार में बढ़ते दूध की मांग के बीच किसानों एवं खास तौर से भूमिहीन किसानों का दूध व्यवसाय के प्रति आकर्षण हुआ है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 10 लाख से अधिक दुधारू पशुओं का पालन हो रहा है और इनसे करीब हर रोज औसतन 50 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इस बीस लाख दूध के लिए जिले में न तो कोई बड़ी डेयरी प्लांट है और न ही कोई मंडी हैं जिसके कारण गैर जिलों की डेयरियों के लिए हरदोई से दूध सप्लाई होता है और सप्लाई करने वाले लोग किसानों एवं डेयरी के बीच खेल करते है जिससे किसानों को दूृध का समुचित मूल्य मिलने में दिक्कतों के साथ ही दूध में मिलावट का काला कारोबार भी पनप रहा है। किसानों का मानना है कि अगर सरकारी दूध डेयरी का प्लांट और बाजार हो तो किसानों को दूध का समुचित मूल्य मिलने के साथ ही दूध में मिलावट करने वाले बिचौलियों पर अंकुश लग सकता है।

कटरी के किसान सुखधाम, अरूणेश आदि ने बताया कि हम लोगों को दूध का मूल्य 25 से 30 रुपए लीटर ही मिल पाता है जब कि यही दूध बाजार में और गैर जिलों में डेयरियों पर 40 रुपये लीटर की दर पर बेंचा जाता है। हमारी कमाई बिचौलियों इसलिए खा जाते है कि सरकारी डेयरी नहीं है।

इस संबंध में जिला विकास अधिकारी रजितराम मिश्रा कहते है कि इस ओर प्रोजेक्ट बनाने के दौरान सभी आवश्यक बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा ताकि किसानों को लाभ मिलने के साथ ही हरदोई दूध और दुग्ध उत्पादों का बड़ा हब बन सके।