डीएम शुभ्रा सक्सेना ने बताया कि इस साफ्टवेयर में सम्मन एवं साक्षी के पूर्ण विवरण के साथ-साथ मुकदमा अपराध संख्या, थाना, न्यायालय का नाम, वाड संख्या, नियत तारीख, अंतर्गत धारा, पक्षकारों के नाम व साक्षी की तैनाती के जनपद का पूरा विवरण दर्ज किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से मुकदमे का विवरण, डिफॉल्टर श्रेणी के सम्मन (कई बार भेजे जाने वाले), विवेचक अधिकारी एवं चिकित्सक के स्तर पर डिफॉल्टर सम्मनो की अलग-अलग समीक्षा की जा सकती है।