हरदोई. जिले में डॉक्टर्स डे पर गोष्ठी आदि आयोजन किए गए। डॉक्टरों ने इस दिन को डॉ. बिधान चंद्र के जन्म दिवस के रूप में मनाये जाने की जानकारी देते हुए कहा चिकित्सा व्यवसाय नहीं एक सेवा कार्य है। इसी सेवा कार्य के चलते डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है। हमें अपने इस स्वरूप को, अपने इस सम्मान को बचाए रखने के लिए जरूरी है कि बढ़ती व्यवसायिकता के बीच में हम सेवा भाव को भी पूरी तरजीह दें। इस संबंध में पत्रिका संवाददाता नवनीत द्विवेदी ने प्रसिद्ध नेचुरोपैथ डॉ. राजेश मिश्र से लंबी बातचीत की।
डॉ. राजेश मिश्र ने कहा कि जब तक खानपान में शुद्धता और आहार-विहार व विचार में शुद्धता नहीं होगी, तब तक शरीर को पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं रखा जा सकता है। दवायें तो तभी तक कार्य रहती हैं जब तक उनका असर रहता है, लेकिन हमारा आहार विहार और विचार वह औषधि है जो हम को नियमित रूप से स्वस्थ रहने में मदद करती है।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुद्ध अन्न जरूरी
डॉक्टर्स डे पर उन्होंने कहा कि लोग स्वस्थ रहें इसके लिए अन्न का शुद्ध होना बहुत जरूरी है। अन्न की शुद्धता के लिए जैविक खेती को अपनाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में रासायनिक उर्वरकों के जरिए खेती किसानी प्रभावित है। इस ओर जागरूक कर पुनः जैविक खेती के प्रति आकर्षित कर कृषि उत्पादों को शुद्ध बनाने की मुहिम शुरू की जाएगी। अन्न ही औषधि के रूप में सबसे कारगर है।