
हरदोई. यूपी के हरदोई जिले की बिलग्राम तहसील के राजघाट पर भी प्रयागराज के संगम तट पर लगने वाले माघ मेले जैसा अद्भुत कल्पवास का मेला लगता है। यहां लाखों श्रद्धालु विभिन्न स्नान पर्व के अवसरों पर मां गंगा मइया को नमन करते हैं और उनसे सुख-सृमद्धि की कामना करते हैं। हर साल माघ माह में करीब 30 दिनों तक यहां चलने वाला कल्पवास और गंगा मेला का अपना विशेष महत्व है। मकर सक्रांति पर यहां बड़ी भीड़ होती है जो कि गंगा मैया के आंचल में उनके जल से स्नान करके शांति और संतोष प्राप्त करते हैं।
यहां सरकारी इमदाद के बिना ही रोशन है जहां
बिना किसी प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच हजारों लोग महीने तक कल्पवास करते हैं और लाखों लोग बिना कोई शिकायत किए स्नान पर्व में डुबकी लगाकर धार्मिक और आध्यात्मिक आनंद का लाभ लेकर अपने घरों को लौट जाते हैं। लेकिन यह आश्चर्य का विषय है कि हजारों वर्षों से राजघाट पर आयोजित लाखों की भीड़ वाले इन धार्मिक मेलों के लिए सरकार और जिला प्रशासन के स्तर पर कोई सार्थक प्रयास नहीं दिखाई पड़ता। जनमानस को उम्मीद है कि नई सरकार और नए प्रशासन के संवेदनशील अधिकारी और जनप्रतिनिधि जरूर हरदोई के इस प्राचीन तीर्थ स्थल को सम्मान सुविधा और संसाधन प्रदान करेंगे। यहां हर-हर गंगे और नमामि गंगे का उदघोष वातावरण भक्ति मय बना देता है।
डीएम ने दिये ये निर्देश
गत दिन गंगा तट के निरीक्षण के दौरान DM पुलकित खरे ने अधिकारियों से कहा था कि गंगा घाट के किनारे-किनारे स्नान के दौरान श्रद्वालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत बैरीकेटिंग करायी जाये। सर्दी को ध्यान में रखते हुए मेले में अलाव जलाने की भी व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि कल्पवास के दौरान गंगा भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जायेगी। उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी। इस दौरान जिलाधिकारी पुलकित खरे ने गंगा मैया को प्रणाम कर उनके जल से आचमन भी किया था।
जिलाधिकरी ने नमांमि गंगे एवं अन्य समाज सेवियों से कहा कि मेले में साफ-सफाई बनाये रखी जाये। लोगों को स्वच्छता के प्रति जारूकर भी करें। उन्होंने तहसीलदार एवं सीओ से कहा कि जहां पुलिस चौकी स्थापित की गयी है, वही पर अग्नि शमन वाहन, एम्बुलेंस, स्वास्थ्य शिविर एवं गोताखोरो को रखा जाये, ताकि जरूरत पड़ने पर सभी सहायतायें तत्काल उपलब्ध कराई जा सकें।
Published on:
15 Jan 2018 09:48 am
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