
घरवालों को प्यार रास ना आया, तो प्रेम कहानी के साथ-साथ दोनों ने अपनी जिंदगी का दी एंड कर दिया। ये कहानी है समधी-समधन की जहां दोनों एक नजर में ही एक दूसरे को दिल दे बैठे। दोनों के प्यार को लोग स्वीकार न कर पाएं। घरवालों की रोज टोका-टोकी से परेशान होकर दोनों ने ट्रेन के आगे लेट कर जान दे दी।
टोका-टोकी से थे परेशान
दरअसल, लखीमपुर खीरी जनपद के थाना पसिगवां निवासी रामनिवास (40) हरदोई जहानीखेड़ा रूट पर प्राइवेट बस का चालक था। पंद्रह वर्ष पहले उसकी पत्नी का निधन हो गया था। रामनिवास की एक पुत्री चांदनी थी, जिसका विवाह उसने दस महीने पहले ही गांव मुबारकपुर निवासी शिवम पुत्र आशाराम के साथ किया था।
बेटी की शादी के बाद राम निवास का प्रेम संबंध अपनी समधन आशारानी पत्नी आशाराम के साथ हो गया। दोनों छुप-छुप कर एक दूसरे से मिलने लगे। घरवालों को इस बात की भनक लग गई। दोनों के घरवाले टोका-टाकी करने लगे। घरवालों के इस रवैये से दोनों काफी परेशान थे। जब दोनों एक साथ चैन से जी नहीं सके तो एक साथ मरने की ठान ली।
एक साथ दे दी जान
रविवार की भोर दोनों सीतापुर-शाहजहांपुर रेलवे लाइन पर लेट गए और एक साथ ट्रेन से कट कर जान दे दी। बताया जा रहा है कि दोनों दो-तीन दिन पहले ही घर से फरार हो गए थे। सूचना मिलने पर जहानीखेड़ा चौकी इंचार्ज रमानंद मिश्रा फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर काफी भीड़ जमा हो गई। दोनों के मरने के बाद हर किसी की जुबान पर उनके अधूरे इश्क की कहानी है।
Published on:
22 Oct 2023 04:56 pm
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