4 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टीचर ने कान्वेंट स्कूलों को दे दी मात, सरकारी स्कूल हुआ स्मार्ट

यहां पढऩे के लिए जाग गई ललक।  

2 min read
Google source verification
hardoi

टीचर ने कान्वेंट स्कूलों को दे दी मात, सरकारी स्कूल हुआ स्मार्ट

हरदोई. जिले के एक गाँव के सरकारी स्कूल में टीचर ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे स्कूल का कायाकल्प कर दिया। आज हर तरफ इस टीचर की सराहना हो रही है। हम बात कर रहे हैं जिले के पिहानी इलाके में स्थित ग्राम मंसूरनगर में कन्या जूनियर हाईस्कूल की। यहां अब क्लास रूम में हाजिरी के दौरान एस मैम की आवाजें आती हैं। कभी जर्जर भवन और खराब माहौल के चलते इस स्कूल में आने वाली छात्राओं की संख्या बेहद कम हुआ करती थी। मगर यहाँ प्रमोशन पाकर तैनात हुई टीचर विजया अवस्थी ने अपने परिश्रम से स्कूल का कायाकल्प कर दिया। माहौल बेहतर करने के साथ उन्होंने छात्राओं की माताओं को अपने अभियान में जोड़ा और स्मार्ट क्लास आदि की शुरुआत कर स्कूल को आदर्श स्कूल बना दिया।

आसान नहीं था यह कार्य
जिला स्तर से लेकर कई जिलों में सम्मानित हो चुकी विजया के लिए राज्यस्तरीय और देश स्तरीय पुरस्कार के लिए संस्तुति की गई है। टीचर विजया की इस पहल और सराहनीय कार्य को लेकर न केवल इलाके के लोगों ने सराहना की है बल्कि स्कूल में बालिकाओं को पढ़ाने के लिए अभिभावकों द्वारा भी सहयोग किया जा रहा। छात्राओं द्वारा भी पठन-पाठन में रुचि ली जा रही है। विजया अवस्थी बताती हैं कि सरकारी स्कूलों को लेकर आम तौर पर आलोचना ही होती है इसलिए उन्होंने सरकारी टीचर बनने के बाद सबसे पहले स्कूलों में वातावरण बनाने और अभिवावकों को जागरूक करने के साथ छात्र-छात्राओं में पढ़ाई के प्रति ललक जगाने की ओर कार्य शुरू किया। यह कार्य आसान नहीं था। उनकी शुरुआत जिस प्राथमिक विद्यालय से हुई थी वहां तमाम मुश्किलें आईं लेकिन सभी के सहयोग से वहाँ भी अच्छा कार्य किया और उनकी तैनाती के दौरान स्कूल की खूब सराहना हुई। प्रमोशन होने के बाद कन्या जूनियर हाईस्कूल मंसूर नगर में पोस्टिंग होने के बाद यहाँ बड़ी चुनौती स्कूल का जर्जर भवन और छात्राओं के कम एडमिशन के साथ बीच सत्र में ही ड्राप आउट थी, जिसे उन्होंने एक वर्ष में ही साल्व किया।

आज हर तरफ प्रशंसा मिलती है
छात्राओं को कंप्यूटर के जरिये स्मार्ट क्लास और प्रतिदिन हिंदी, सँस्कृत, अंग्रेजी भाषा में ईश्वर की प्रार्थना के साथ एजुकेशन का वातावरण मजबूत कर दिया। छात्राओं को पर्यावरण सरंक्षण, कला, तकनीक, भाषा के प्रति जागरूक करते हुए उनकी माताओं को भी स्कूल से जोड़ा और नियमित माताओं से संवाद के जरिये बेटी बचाओ बेटो पढ़ाओं अभियान को गति दी। सामाजिक सहयोग से स्कूल भवन को दुरुस्त कराके वहाँ कॉन्वेंट स्कूलों से बढ़ कर माहौल बनाया, जिसके चलते आज यह स्कूल और टीचर विजया को हर तरफ सराहनीय योगदान के लिए प्रशंसा मिलती है। विजया ने स्कूल की समस्याओं और समाधान को लेकर समय-समय पर व्याख्यान देने के साथ उच्च स्तर पर सुझाव दिये और इस ओर विभाग की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाग लेकर अपने शोधपत्र भी प्रस्तुत किये। इसके लिए विभाग द्वारा उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है। विभागीय लोगों के अलावा आम लोग कहते हैं कि मिशाल बनाने वाली टीचर विजया अवस्थी को राज्य और देश स्तर पर मिलने वाले टीचर अवार्ड के लिए चुना जाना बेहद सार्थक होगा। जिले के आलावा अन्य जिलों में भी इस टीचर की मिशाल दी जाती है।