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हरदोई में मक्खियों से परेशान बहुएं वापस लौट रहीं मायके, लड़कों की नहीं हो रहीं शादी

मक्खियों की वजह से हरदोई के गांवों में लड़कों की शादियां नहीं हो रही हैं। बहुएं अपने मायके लौट रही हैं।

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उत्तर प्रदेश के हरदोई के गांव में मक्खियों का आतंक है। इसकी वजह से इस साल एक भी शादी नहीं हुई। कोई भी अपनी बेटी की शादी के लिए तैयार नहीं है। बहुएं भी ससुराल छोड़कर मायके जा रही हैं। पत्नियां ने पत‌ि के सामने शर्त रख दी है। पत‌ि या तो गांव छोड़ें तभी साथ रहेंगे।

6 गांव के 5 हजार लोग परेशान
मामला हरदोई के अहिरोरी विकासखंड का है। यहां के 6 गांवों में 5 हजार से अधिक लोग मक्खियों से परेशान हैं। खुले में घूमना-फिरना और खाना-पीना भी मु‌श्किल हो गया है।

सोते समय शरीर पर ढेर सारी मक्खियां बैठ जाती हैं
गांव वालों का कहना है कि सोते समय मक्खियां उनके शरीर पर बैठ जाती हैं। जिससे नींद खुल जाती है। ठीक से सो भी नहीं पाते हैं। खाना खाते समय खाने में मक्खी गिर जाती है।

पोल्ट्री फार्म मक्खियों की बनी वजह
साल 2014 में भारत सरकार की वित्त पोषित कुक्कुट योजना शुरू हुई। कुइया गांव में सागवान पोल्ट्री फार्म की स्थापना हुई थी। 2017 से उत्पादन शुरू हो गया। यहां हर दिन मुर्गी के डेढ़ लाख अंड्डों का उत्पादन होता है।

इसकी वजह से गांव वालों की समस्या बढ़ती चली गई। इसका असर पोल्ट्री फार्म से 300 मीटर दूर बढ़ईनपुरवा गांव के ग्रामीणों पर पड़ने लगा। इस परेशानी के बारे में गांव के एक निवासी श्रवण कुमार वर्मा ने मीडिया अपनी पीड़ा बताई।

"2021 गांव में 7 शादियां हुई थीं। उनमें 4 लड़कियों की शादी, जबकि 3 लड़कों की शादी हुई थी। इस बार एक भी शादी नहीं हुई। इस साल कोई रिश्ता भी गांव में तय नहीं हुआ। मक्खियों की वजह से कोई शादी के तैयार भी नहीं है।"

श्रवण कुमार वर्मा ने बताया, बढ़ईनपुरवा, डही, झाला पुरवा नया गांव, देवरिया और एकघरा गांव के लोग भी मक्खियों का से परेशान हैं। बढ़ईनपुरवा में सबसे ज्यादा मक्खियों का आतंक है।

उन्होंने बताया, “गांव के रहने वाले एक ग्रामीण शारदा की पत्नी मक्खियों से परेशान होकर अपने ससुराल से मायके चली गईं। वह अब ससुराल लौटना नहीं चाहती हैं। दोनों का रिश्ता टूटन के कगार पर पहुंच गया है।

इसी गांव के मुंगालाल की पत्नी शिवानी भी मक्खियों से परेशान होकर गांव में रहने को तैयार नहीं हैं। वो कहती हैं कि गांव में मक्खियों का प्रकोप इतना है कि जीना मुश्किल है। तीन अन्य निवासी आजाद, शीलू और विजय की पत्नियां भी मायके जाने के बाद से दोबारा आने को तैयार नहीं हैं।

एक साल से प्रदर्शन कर रहे गांव के लोग
श्रवण कुमार गांव के लोग पिछले एक साल से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सड़क जाम किया। पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया। अब 12 दिनों से गांव के अंदर ही टेंट लगाकर लोग विरोध जता रहे हैं।

उधर पोल्ट्री फार्म के मालिक दलवीर सिंह ने बताया, “फार्म बनाया था, तो उसी समय मैने प्रदूषण विभाग से NOC लिया था। फार्म भी आबादी से दूर बनाया था। लोगों ने पोल्ट्री फार्म के पास सड़क पर घर बना लिए।

फार्म मालिक का ये भी दावा है कि मक्खियों के कंट्रोल के लिए पूरी व्यवस्था की है। जिसकी कई बार जांच भी की गई है। जांच में उनके फार्म में कोई कमी नहीं मिली। मक्खियों की वजह से रिश्ते टूटने की बात बढ़ा-चढ़ाकर बताई जा रही है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रवीर सिंह ने मीडिया को बताया कि आबादी से 500 मीटर दूर इस पोल्ट्री फार्म बनाया गया था। तभी प्रदूषण विभाग ने इसे NOC जारी कर दिया था। मैं मानता हूं कि पोल्ट्री फार्म की वजह से इलाके में मक्खियां बढ़ी हैं। अगल-बगल के इलाको में मक्खियां बढ़ी हैं, लेकिन कई गांवों में मक्खियां होने की बात सही नहीं है। पोल्ट्री फार्म के बनने के बाद कुछ लोगों ने उससे कुछ दूर अपने मकान बनाए हैं, जिनमें ये समस्या अधिक है।