
हरदोई. देश में संचार क्रांति के लिए सबसे ज्यादा योगदान करने वाला बीएसएनएल घाटे के दंश से लड़खड़ा रहा है। इस लड़खड़ाहट से बचने के लिए जहां कर्मचारी आए दिन हड़ताल धरना प्रदर्शन कर पूरे देश में अपनी आवाज बुलंद करते रहते हैं तो वहीं यूपी के हरदोई में घाटे के बीच बीएसएनएल के फायदे में आने के लिए नया टोटका शुरू किया गया है। हरदोई में बीएसएनएल के टॉवरों के पास खेती किसानी कर सब्जियां उगाने के साथ फसलें बोई जा रही हैं। टेलीफोन एक्सेंजों में फसलें देख हर कोई इसे अनूठा टोटका मान रहा है।
टेलीफोन एक्सचेंज परिसर में लहलहा रहीं फसलें
जिले के बीएसएनएल टेलीफोन एक्सचेंज परिसर में गोभी, लहसुन, टमाटर आदि की फसलें लहलहा रही हैं। ऐसे नजारे आपको हरदोई से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के टेलीफोन एक्सचेंज परिसरों में देखने को मिलेंगे । इसके पीछे कुछ लोगों का मानना है कि कंगाल हो रहे बीएसएनएल में भविष्य सुरक्षित नहीं इसलिए चाहें इसे टोटका माने या फिर खेती किसानी की ओर सभी का रूख, क्योंकि अगर वेतन नहीं मिलेगा तो फिर यहीं व्यवसाय कर रोजी रोटी चलाई जाएगी। हालांकि, इस बारे में कोई कैमरे के सामने बोलने को तैयार नहीं है।
अतिरिक्त कमाई का जरिया या फिर कोई टोटका है
इस संबंध में बीएसएनएल के अफसरों से बात करने का प्रयास किया गया कि यह टोटका है या फिर कुछ और तो अफसर झट से बाइक पर बैठकर निकल गए। यही वो अफसर हैं जिनके लिए कभी 24 घंटों विभागीय वाहनों की व्यवस्था रहती थी, मगर अब विभाग के पास वाहन नहीं है। इससे भी ऐसा प्रतीत होता है कि कंगाली से जूझ रहे बीएसएनएल कर्मियों ने सब्जियों व फसलों को उगाने का काम कर आइना दिखाने की कोशिश की है। यह अलग बात है कि इसे टोटके और अंधविश्वास के तौर पर भी देखा जा रहा है।
Published on:
16 Dec 2017 11:08 am
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