
हाथरस। हिन्दू समाज के लोग किसी व्यक्ति के निधन हो जाने पर उसके अन्तिम संस्कार के लिये पत्थर वाली श्मशान भूमि या हाथरसी श्मशान भूमि पर जाते हैं और हिन्दू समाज के बच्चों के निधन हो जाने पर उसके शव को मथुरा रोड स्थित श्याम सरोवर में दफनाया जाता है। लेकिन आज एक मासूम बच्चे के शव को दफनाने के लिये जगह नहीं मिली। इसकी वजह है श्याम सरोवर में अवैध कब्जा।
श्मशान पर अवैध कब्जा
मान्यता है कि किसी भी समाज के व्यक्ति के निधन पर उक्त व्यक्ति को उसके धर्म के अनुसार अंतिम दाह संस्कार हेतु श्मशान भूमि, कब्रिस्तान आदि की पौराणिक समय से व्यवस्था चली आ रही है लेकिन शहर में हिन्दू समाज के नवजात शिशु या बच्चे की मौत पर उसके शव को दफनाने हेतु मथुरा रोड पर बने श्याम सरोवर में दफनाया जाता है। लेकिन अब श्याम सरोवर को अवैध अतिक्रमणों ने घेर लिया है और लोगों द्वारा अवैध तरीके से कब्जे कर लिये गये हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
बताया जाता है घण्टाघर पर चाय की दुकान करने वाले दुकानदार तुलसी गोस्वामी के सात माह के बच्चे का आज निधन हो जाने पर बच्चे के शव को लेकर तमाम लोग श्याम सरोवर पर पहुंचे तो उन्हें श्याम सरोवर में शव दफनाने को जगह नहीं मिली। लोग बच्चे के शव को लेकर काफी समय तक बैठे रहे और फिर बाद में जैसे तैसे पानी के बीच में थोड़ी सी जगह देखकर शव को दफनाया गया। श्याम सरोवर में बच्चे के शव को दफनाने की व्यवस्था नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश दिखाई दिया साथ ही वह पालिका प्रशासन व प्रशासन को कोसते नजर आये। श्याम सरोवर को अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिये पूर्व में भाजपा द्वारा मांग उठाई गई थी और ज्ञापन भी दिये थे लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
कार्रवाई के आदेश
उक्त सम्बंध में पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा का कहना है कि श्याम सरोवर के स्थान को सुरक्षित कराया जायेगा और किसी प्रकार की कोई ढिलाई नहीं बरती जायेगी तथा आज से ही कार्रवाई प्रारम्भ करायी जायेगी और सख्ती से कब्जे हटवाये जायेंगे।
Published on:
22 Dec 2017 11:56 am

