
हाथरस. यूपी के बहुचर्चित हाथरस कांड के दो महीने पूरे होने को है, लेकिन अभी तक सच्चाई सामने नहीं आ सकी है। सीबीआई रविवार को ही चारों आरोपियों को पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए गुजरात लेकर गई है। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर सरकार ने पीड़िता के परिवार की कड़ी सुरक्षा मुहैया कराई है। पीड़ित परिवार की सुरक्षा में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 80 जवान तैनात हैं, जो तीन शिफ्टों में लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। बूलगढ़ी गांव में तैनात इन जवानों पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बूलगढ़ी गांव में एक नवंबर से पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती की गई है। 80 जवान यहां 24 घंटे तैनात हैं, जिन पर रोजाना 1.5 लाख से 1.75 लाख रुपए रोजाना खर्च किए जा रहे हैं, जिसकी भरपाई योगी सरकार करेगी। इस संबंध में सीआरपीएफ के रिटायर्ड आईजी वीपीएस पनवर ने बताया कि जब सुरक्षा के लिए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान जाते हैं तो उनकी मूवमेंट कंपनी के हिसाब से होती है। सीआरपीएफ की एक कंपनी कुक, नाई, वाशरमैन और फील्ड डयूटी करने वाले जवान समेत एडमिन स्टाफ शामिल होता है। उन्होंने बताया कि हाथरस केस में 80 जवान फील्ड ड्यूटी पर तैनात हैं तो उनके साथ अन्य स्टाफ भी मौजूद है।
पनवर ने बताया कि वहां पूरी कंपनी तैनात होगी। उन्होंने बताया कि एक कंपनी में 72 और 126 लोग होते हैं। अगर इस तरह की ड्यूटी का खर्च निकालें तो वह पूरी कंपनी के हिसाब से निकला जाता है, जिसकी भरपाई यूपी सरकार को करनी होगी। वहीं, सीआरपीएफ से ही रिटायर्ड आरएस यादव ने बताया कि हाथरस केस में अगर 80 जवानों को ही मान लें तो उनका रोजाना का खर्च डेढ़ से पौने दो लाख रुपए तक आता है। अगर जवानाें के वेतन का औसत निकाला जाए तो डेढ़ हजार रुपए प्रति जवान के हिसाब से 1 लाख 20 हजार रुपए रोजाना खर्च होते हैं। वहीं सुबह शाम का नाश्ता, दोपहर और रात का खाना अलग हैं। उन्होंने बताया कि जवानों के फिल्ड पर होने पर अन्य खर्च भी होते हैं। इस तरह एक जवान पर करीब पौने दो हजार रुपए प्रतिदिन का खर्च आता है।
Published on:
23 Nov 2020, 2:51 PM IST
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