
हाथरस। गैंगरेप मामले की सीबीआई जांच के लिए सीएम योगी ने आदेश दे दिए हैं। वहीं अब परिजनों ने पीड़िता की अस्थी विजर्सन करने से इनकार कर दिया है। दरअसल शनिवार को परिजनों से मिलने पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद परिजनों ने अस्थियों का संग्रह तो किया, लेकिन उनका विसर्जन करने से साफ मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि जब उन्हें न्याय मिलेगा, तभी वह अस्थियों का विसर्जन करेंगे।
बता दें कि शनिवार को अपर प्रमुख गृह सचिव अवनीश अवस्थी और डीजीपी हितेश अवस्थी हाथरस पहुंचे और पीड़िता के परिजनों से मिलकर पूरी घटना के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने परिजनों को समझाया और आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजनों ने अस्थियाँ संग्रह की।
हालांकि उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह अस्थियों का विसर्जन तब तक नहीं करंगे जब जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि जिस तरह से शव को दिखाए बिना ही रात में जला दिया गया, उन्हें यह तक नहीं मालूम कि वह शव उनकी बेटी का है या किसी और का।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात में प्रशासन व पुलिस ने पीड़िता के शव का दाह संस्कार कराया था। जिसके बाद परिजनों ने बिना अनुमति के शव का अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया था। आरोप है कि अंतिम संस्कार से पहले परिजनों को प्रशासन ने उनकी बिटिया का चेहरा तक नहीं दिखाया। जिसके चलते उन्हें यह तक नहीं पता कि शव किसका था।
Published on:
04 Oct 2020 10:47 am
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