
Hathras incident में सत्संग में मची भगदड़ की असली वजह सामने आई है। 100 से अधिक मौत हो जाने के बाद अब लोगों ने बताया कि सत्संग के बाद बाबा के पैर छूने को लेकर श्रद्धालुओं में होड़ मच गई जिससे भगदड़ मच गई। इसके बाद शोर मचा, तो लोग बाहर भागने लगे। इसी दौरान ये हाद्सा हो गया जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान चली गई। 200 से अधिक लोग अभी घायल बताए जा रहे हैं।
हाथरस में भोले बाबा का सत्संग चल रहा था। एक अनुमान के अनुसार इस सत्संग में 50 हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक यहां (Hathras incident ) भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 100 से ज्यादा महिलाओं, पुरुषों और बच्चो की मौत हो गई। करीब 200 लोग इस हादसे में घायल हो गये। मरने वालों में सबसे ज्यादा महिलाएं हैं। मृतकों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका भी जतायी जा रही है। इतनी बड़ी घटना के बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
यूपी के हाथरस में मची भगदड़ ( Hathras incident ) की वजह सामने आई है। सत्संग ( Satsang ) में शामिल प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 50 बीघा के खेत में सत्संग का पंडाल लगाया गया था। जहां दो लाख के करीब भीड़ जुटी थी। सत्संग के समापन के बाद जैसे ही गुरुजी यानी भोले बाबा की कार वहां से निकली तो लोगों की भीड़ उनके पैर को छूने के लिए दौड़ पड़ी। इसी दौरान भगदड़ मच गई। कई लोग जमीन पर गिर गये और भीड़ उनको रौंदते हुए आगे निकलने लगी। इसी दौरान सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी और करीब 200 लोग घायल हो गये।
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इस हादसे ( Hathras incident ) के बाद देशभर में भोले बाबा के नाम की ही चर्चा हो रही है। जो इनके बारे में नहीं जानते हैं वो गुगल सर्च कर रहे हैं। दरअसल एटा जिले के बहादुर नगरी गांव के रहने वाले नारायण हरि को लोग भोले बाबा के नाम से जानते हैं। नारायण हरि बचपन में अपने पिता के साथ खेती-बाड़ी करते थे और पुलिस में जाने के लिए दौड़-भाग किया करते थे। नारायण हरि की बहाली यूपी पुलिस में हो गयी लेकिन बाद में उन्होंने VRS ले लिया और गांव में ही रहने लगे। इसके बाद उनका 'भगवान' से साक्षात्कार हुआ और उन्होंने जीवन मानव कल्याण में लगाने का फैसला ले लिया। अध्यात्म की तरफ जाने के बाद नारायण हरि ने अपना नाम विश्वहरि रख लिया।
सत्संग में उनकी पत्नी भी साथ रहती हैं। भोले बाबा की पहचान सफेद सूट है। वो अक्सर सफेद सूट, सफेद जूता और टाई पहनकर सत्संग करते हैं और उनकी प्राइवेट आर्मी काले रंग के पोशाक पहने रहती है। आपको बता दें कि हाथरस में सत्संग का मंगलवार को समापन हुआ था। अगला कार्यक्रम आगरा में 4 जुलाई से 11 जुलाई तक होना था। इसे लेकर बड़े-बड़े बैनर पोस्टर भी लगाये जा चुके हैं। आगरा के सत्संग के लिए पूरी तैयारी चल रही थी लेकिन हाथरस की इस घटना के बाद इसके आयोजन पर ही ग्रहण लग गया।
हाथरस की घटना पर समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ( akhilesh yadav ) ने कहा है की जानकारी में होने के बावजूद इतनी बड़ी घटना होना बहुत दुखद है। उनकी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए सरकार ने क्या किया? ये सबसे बड़ा प्रश्न बनता है। जब तक आप किसी आयोजन पर शुरूआत से लेकर अंत तक ध्यान नहीं देंगे तो इसी तरह की घटना होगी। इसके लिए अगर हमें उम्मीद है कि सरकार घायलों का अच्छा इलाज करवाएगी।
हाथरस की घटना पर पीएम मोदी ने दुख जताया है। संसद में संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने हाथरस में हुई भगदड़ की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने यूपी सरकार को जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यूपी के हाथरस में जो भगदड़ हुई उनमें अनेक लोगों की मौत की दुखद जानकारी मिली। हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी राज्य सरकार के संपर्क में हैं। मैं सदन के माध्यम से सभी को यह भरोसा देता हूं कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर संज्ञान लिया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों ( DM Hathras ) को मौके पर पहुंचकर तत्काल प्रभाव से राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों को पुख्ता इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। सिर्फ निर्देश ही नहीं दिए बुधवार के खुद अखिलेश यादव एटा मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों और उनके परिजनों से बात करते हुए बेहतर से बेहतर से इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए।
Published on:
03 Jul 2024 01:24 pm
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