
sanjay singh
पत्रिका न्यूज नेटवर्क ( Hathras ) हाथरस के पीड़ित परिवार से मिलने गए आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर स्याही फेंक दी गई। यह घटना पीड़ित परिवार के गांव से कुछ दूरी पर घटी। स्याही फेंकने के मामले में राष्ट्रीय स्वाभिमान दल के संस्थापक दीपक शर्मा का नाम सामने आ रहा है। स्याही फेंकने वालों ने आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल काे पीएफआई का एजेंट भी बताया।
सोमवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पांच सदस्यीय दल के साथ हाथरस पीड़िता के परिवार से मिलने उनके गांव गए थे। इस दौरान रास्ते में पुलिस और उनके कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी भी हुई। तनातनी के बाद यह दल गांव की ओर चल दिया। पीड़ित परिवार से मिलकर जब वह वापस आ रहे थे ताे संजय सिंह पर पीड़ित के गांव से कुछ दूरी पर स्याही फेंक दी गई और वहां मौजूद लोगों ने संजय सिंह वापस जाओ संजय सिंह वापस जाओ के नारे भी लगाए।
इस दौरन संजय सिंह के साथ विधायक राखी बिड़वाल भी मौजूद थी। इस घटना के बाद संजय सिंह के समर्थकों ने योगी सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। इस घटना को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी यूपी सरकार पर हमला बाेला। एक ट्वीट करते हुए उन्हाेंने कहा कि यह हमला यूपी सरकार की बदहवासी को दर्शाता है। इस हमले के बाद संजय सिंह ने कहा है कि, मुझ पर स्याही फिंकवाकर आज भाजपा ने अपना स्याह पक्ष उजागर कर दिया है। इसी स्याही से अब भाजपा के काले कारनामों का इतिहास लिखा जाएगा। हाथरस में धारा 144 लगाए जाने के बाद पीड़िता के गांव जाने पर पाबंदी थी। पुलिस ने राहुल गांधी को भी गांव जाने से रोक दिया था। बाद में यह मामला तूल पकड़ने लगा तो पांच लोगों को जाने की अनुमति दे दी। अनुमति मिलने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। रविवार को भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी।
अब सोमवार को राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह भी परिवार से मिलने के लिए हाथरस पहुंचे। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद संजय सिंह ने साफ शब्दों में आरोप लगाया है कि यूपी सरकार घटना के आरोपियों ( दरिंदों ) को बचाने में जुटी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मरने से पहले पीड़िता ने जिन दरिंदो के नाम बताए थे उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। संजय सिंह ने यह भी कहा कि भाजपा हाथरस के डीएम को बचा रही है और उन पर कार्यवाही नहीं की जा रही। इसके पीछे उन्होंने कहा कि हाथरस के डीएम के पास मुख्यमंत्री की पोल है और अपनी पोल खुल जाने के डर से मुख्यमंत्री हाथरस के डीएम पर कार्रवाई नहीं कर रहे।
Updated on:
05 Oct 2020 06:56 pm
Published on:
05 Oct 2020 06:48 pm

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