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जीएसटी लागू होने के बाद हींग व्यापारी हो गया बर्बाद, जानिए क्या कहते हैं व्यापारी, देखें वीडियो

जीएसटी ने हींग मंडी हाथरस पर भी अपना गहरा प्रभाव छोड़ा है।

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Hedge dealer

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हाथरस। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी के लागू होने का एक वर्ष पूरा हो चुका है। जीएसटी ने उद्योग के लिए दूर दराज क्षेत्रों तक पहचान रखने वाली हींग मंडी हाथरस पर भी अपना गहरा प्रभाव छोड़ा है। यहां ट्रांसपोर्ट कंपनियों के मालिकों की मानें तो जीएसटी के बाद पूरी तरह से टूट गए हैं, ट्रांसपोर्टरों के अनुसार जीएसटी लागू होने से पहले उनके दिन 5 से लेकर 7 ट्रक तक लोड़ होकर दूसरे प्रान्तों में जाते थे, लेकिन अब दिन में 1 या 2 गाड़ी ही लोड़ होकर निकल पाती हैं। व्यापारी अब एक साथ ज्यादा माल नहीं भेज पा रहा है।

जीएसटी के बारे में नहीं है पूरी जानकारी
ट्रांसपोर्टर नवजोत शर्मा के अनुसार जीएसटी के लागू होने के बाद कारोबार 50 फीसद रह गया है, क्योंकि इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है, सेलटैक्स ऑफिस में भी कुछ नहीं जानकारी मिल पाती है। कस्टुमर केयर की कह कर बात टाल देते हैं, यहां तक कि वहां से कोई जानकारी नहीं मिल पाती है। माल भेजने के लिए ई वे बिल निकालना पड़ता है, हर समय लाइट मौजूद नहीं रहती है, साथ ही सर्वर की प्रॉब्लम भी रहती है। ई वे बिल के जरिये एक बार में पूरा माल नहीं जा पाता है, साथ ही व्यापारियों को इसके बारे में जानकारी नहीं है, इसलिए बहुत समस्याएं आ रही हैं।

अटका हुआ है करोड़ों रुपया
वरिष्ठ व्यापारी नेता मदन मोहन वार्ष्णेय की मानें तो मध्यम वर्गीय व्यापारी इस जीएसटी में पूरी तरह टूट गया है और बड़े बड़े व्यापारियों का करोड़ो रुपया टैक्स के रूप में अटका हुआ है, और उनका निर्यात व्यापार घट गया है। उनके अनुसार किराना व्यापार में जीएसटी और मंडी शुल्क दोनों लगते हैं। जीएसटी लागू करने से पहले व्यापारी प्रतिनिधियों की सलाह नहीं ली गयी, जिसके कारण यह समस्या हो रही है। उन्होंने कहा कि भजपा सरकार में तो व्यपारियों का शोषण हुआ है।