
Hathras Satsang case
Who is Hari Bhole Baba: हाथरस में हुई भगदड़ में 122 से ज्यादा जानें चली गईं। मंजर ऐसा कि हर तरफ सिर्फ चीख पुकार ही मची हुई है। लाशों के ढेर के बीच लोग अपनों को तलाश रहे। परिजनों की चीत्कार से वातावरण बोझिल बना हुआ है।
आपको बता दें कि हाथरस में भोले बाबा उर्फ नारायण विश्वहरी के सत्संग मची भगदड़ में 122 से ज्यादा लोग मर गए वहीं 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार लोग बाबा की चरण धूलि लेने के लिए इकट्ठा हुए थे। भीड़ इतनी बढ़ गई कि वालेंटियर्स ने पानी की बौछार शुरू कर दी, जिससे फिसलन बढ़ी और लोग फिसल कर गिरने लगे। जो एक बार गिरा फिर न उठ सका।
बताते हैं कि बाबा के सत्संग में लाखों की भीड़ आती है।
नारायण विश्वहरी उर्फ भोले बाबा मूल रूप से एटा जिले का रहने वाला है। उसकी शिक्षा दीक्षा भी एटा में ही हुई है। पढ़ाई के बाद उसकी यूपी पुलिस में नौकरी लग गई। नौकरी के दौरान ही उस पर यौन उत्पीडन के 5 मामले दर्ज हुए थे। 18 साल पहले नौकरी से वीआरएस लेने के बाद वह गांव के बाहर झोपड़ी डाल कर रहने लगा और लोगों को इकट्ठा करके प्रवचन सुनाने लगा।
धीरे धीरे उसके भक्तों की संख्या बढ़ने लगी। चंदे इकट्ठा करके उसने मैनपुरी के बछवा में 30 एकड़ में अपना आश्रम बनवाया। इस विशाल आश्रम में उसकी खुद की एक आर्मी है। यहीं पर उसका उपदेश देने का कार्यक्रम चलता रहता है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उसका प्रवचन और सत्संग लगता रहता है। भोला बाबा के बारे में बताते हैं कि प्रवचन के दौरान उसकी पत्नी भी साथ ही रहती है और दोनों एक सिंहासन पर बैठ कर उपदेश देते हैं।
भोले बाबा के भक्त गुलाबी वस्त्र धारण करके उनका प्रवचन सुनते हैं। वहीं बाबा भी पूरी तरह आधुनिकता के रंग में रंगा है। वह सफेद पैंट और शर्ट पहन कर प्रवचन करता है। बताते हैं कि बाबा के भक्तों में बड़े बड़े लोग शामिल हैं।
Updated on:
03 Jul 2024 11:10 am
Published on:
03 Jul 2024 10:20 am
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