26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां से विधायक रही हैं चौधरी अजित सिंह की मां और बहन लेकिन इस बार…

-बसपा और कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित किए, सपा, भाजपा, रालोद ने नहीं-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर चुके हैं बड़ा शो, विश्वविद्यालय की घोषणा भी-बिना प्रत्याशी के ही जयंत चौधरी 26 सितम्बर को इगलास में करेंगे नुक्कड़ सभाएं

2 min read
Google source verification

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश में 11 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव घोषित हो चुका है। इसमें अलीगढ़ जिले की इगलास विधानसभा सीट भी शामिल है। इगलास सीट पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। इसका कारण यह है कि इगलास सीट भाजपा के पास थी। राष्ट्रीय लोकदल लम्बे समय तक इस सीट पर काबिज रहा है। चौधरी अजित सिंह की मां और बहन भी यहां से विधायक रह चुकी हैं। यह बात अलग है कि अभी तक राष्ट्रीय लोकदल प्रत्याशी घोषित नहीं कर सका है।

क्यों खाली हुई सीट
इगलास से भाजपा की टिकट पर राजेश दिवाकर चुनाव जीते थे। फिर उन्हें भाजपा ने हाथरस लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया। सांसद बनने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। अब इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। जीतने वाला ढाई साल तक विधायक रहेगा। 2022 में फिर से चुनाव होना है।

भाजपा, सपा और रालोद ने अभी घोषित नहीं किया प्रत्याशी
इगलास सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी अभय कुमार हैं। एक साल से लगातार सक्रिय हैं। कांग्रेस ने राष्ट्रीय लोकलदल से विधायक रहे त्रिलोकीराम दिवाकर के पुत्र उमेश कुमार को प्रत्याशी बनाया है। भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल ने अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। टिकट के लिए सर्वाधिक मारामारी भाजपा में है। चुनाव की दृष्टि से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इगलास में सभा कर चुके हैं। राजा महेन्द्र प्रताप के नाम से सरकारी विश्वविद्यालय की घोषणा कर चुके हैं। भाजपा को लग रहा है कि इगलास सीट आसानी से निकल जाएगी। इसके चलते हर कोई टिकट के लिए जी तोड़ प्रयास कर रहा है।

फ्लैश बैक
इगलास विधानसभा सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, उनके पुत्र चौधरी अजित सिंह और राष्ट्रीय लोकदल से प्रभावित रही है। चौधरी चरण सिंह की पत्नी व चौधरी अजित सिंह की माता गायत्री देवी और चौधरी अजित सिंह की बहन ज्ञानवती भी विधायक रह चुकी हैं। चौधरी चरण सिंह की कृपा से राजेंद्र सिंह इगलास से चार बार विधायक रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल की विमलेश चौधरी और त्रिलोकीनाथ दिवाकर भी इगलास सीट से विधायक रहे हैं। इस बार त्रिलोकीनाथ दिवाकर कांग्रेस के साथ हैं। वे कांग्रेस के टिकट पर अपने पुत्र को विधानसभा में पहुंचाने के लिए लगे हुए हैं।

क्या सपा और रालोद गठबंधन होगा
सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी में चुनावी गठबंधन का प्रयास किया जा रहा है। शीर्षस्तर पर बातचीत के संकेत मिले हैं। इस कारण भी सपा और रालोद से टिकट के लिए खास सुगबुगाहट नहीं है। सबको लग रहा है कि सपा और रालोद का गठबंधन हो गया तो सत्ता दल को चुनौती दी जा सकती है।

जयंत चौधरी का कार्यक्रम
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयन्त चौधरी 26 सितम्बर, 2019 को इगलास विधानसभा क्षेत्र में कई नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करेगे। वे प्रातः 9.00 बजे दिल्ली से प्रस्थान करेंगे। 11.30 बजे गाँव मजूपुर थाना गोंडा में नुक्कड़ सभा को सम्बोधित करेंगे। अपराह्न एक बजे गाँव तलेसरा, 2.30 बजे गाँव नगला बिरखू, शाम चार बजे गाँव उत्तमपुर, शाम पांच बजे गाँव टमोटिया( थाना इगलास) में नुक्कड़ सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वापस दिल्ली चले जाएंगे।