हजारीबाग। सरकार ने अभी तक इंसानों के लिए ही आधार कार्ड का नियम बनाया था। लेकिन अब इंसानों के साथ साथ जानवरों का भी आधार कार्ड बनेगा। दुधारु पशुओं की तस्करी और चोरी अब आसान नहीं होगी। चोरी और तस्करी कर ले जायी गई गाय और अन्य दुधारु पशुओं की पहचान की जा सकेगी और उसे सही मालिक के पास पहुंचाया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार, दुधारु पशुओं के बन रहे आधार कार्ड से आम भारतीय नागरिक की तरह अब झारखंड की गाय और दुधारु पशुओं की भी अपनी अलग पहचान होगी। राज्य सरकार ने गुजरात की तर्ज पर पशुओं का आधार कार्ड बनाना शुरु किया है।
कृषि एंव पशुपालन मंत्री रणधीर सिंह की माने तो अगले 3 सालों में सभी गाय-भैंस का आधार कार्ड बना कर एक डाटा बेस तैयार कर लिया जाएगा। इस आधार कार्ड से ना सिर्फ गायों की पहचान आसान होगी बल्कि और तस्करी और चोरी पर लगाम लगेगी।
बताया जा रहा है कि दुधारु पशुओं का एक डाटा बेस तैयार होगा, जिसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि पछले दिनों गुजरात दौरे पर उन्होंने देखा कि सभी दुधारु पशुओं का डेटा वहां तैयार है।
गौ पालकों में उत्साह
सरकार की इस पहल का गौ पालकों ने स्वागत किया है। राज्य सरकार ने दुधारु पशुओं के आधार कार्ड निर्माण और डाटा बेस तैयार करने की मियाद तीन साल रखी है।